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शिमला जल प्रबंधन निगम को नहीं 3500 कनेक्शन की जानकारी, मीटर तलाश रही कंपनी

शिमला में पानी का मुद्दा.(सांकेतिक तस्वीर)
शिमला में पानी का मुद्दा.(सांकेतिक तस्वीर)

Water Connection in Shimla: बायोमिट्रिक के 7000 मीटर का टेंडर हुआ है. 500 मीटर मंगवा लिए गए है. दो माह में मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा

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शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में जल प्रबंधन निगम 24 घंटे पानी देने का दावा करता रहा है. लेकिन हैरानी की बात है कि शिमला जल प्रबंधन निगम बनने के 3 साल बाद भी शहर में पानी के कनेक्शन तक नहीं ढूंढ नहीं पाया है. अभी भी लगभग 3500 कनेक्शन की जानकारी जल प्रबंधन निगम के पास नहीं है. इससे भी बड़ी बात ये है कि पिछले कई वर्षो से ऐसे उपभोक्ताओं को बिल तक नहीं दिए गए. अब शिमला जल प्रबंधन निगम लाचार होकर लोगों से खुद कनेक्शन की जानकारी साँझा करने की अपील कर रहा है.

15000 को पानी के बिल किए जारी

शिमला जल प्रबंधन निगम के एजीएम गोपाल कृष्ण के मताबिक़, शिमला शहर में कुल 32946 पानी के कनेक्शन हैं. इनमें से 13,676 कनेक्शन नहीं मिल रहे थे. अब 10 हज़ार कनेक्शन ढूंढ लिए गए है, जबकि 3500 के लगभग कनेक्शन के पड़ताल चल रही है. इनमें 685 बिल हॉटेल के थे जिनमें से 17 कनेक्शन का अभी भी पता नहीं चल पाया है. सालाना नगर निगम के समय 22 करोड़ पानी के कनेक्शन से आता था, जो अब बढ़कर 28 करोड़ हो गया है. लेकिन, इस दौरान पानी के बिल भी बड़े हैं.



नए मीटर मंगवाए
उनका कहना है कि अब बायोमिट्रिक के 7000 मीटर का टेंडर हुआ है. 500 मीटर मंगवा लिए गए है. दो माह में मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा, जबकि 2022 तक 24 घण्टे पानी शिमला के लोगों को मुहैया करवा दिया जाएगा.शिमला के 19000 उपभोक्ताओं में से 15000 को मासिक बिल दे दिया गया है. उन्होंने बताया कि मार्च 2019 से ज्यादातर होटलों को बिल जारी नहीं हो पाए हैं. इसकी जानकारी जल निगम के पास नहीं है. उन्होंने बताया कि अब तक शहर के सभी होटलों से साढ़े तीन करोड़ रुपए की बिलिंग होती थी, लेकिन अब जो कुछ कनेक्शन मिले हैं, उसके बाद यह आमदनी 11 करोड़ अनुमानित सालाना आय होगी.

उन्होंने बताया कि एक अप्रैल 2020 तक 31 करोड़ रुपए एरियर हो गया था, जिसमें अभी तक चार करोड़ रुपए पेयजल उपभोक्ताओं से वसूल पाए हैं. उन्होंने बताया कि जिन पेयजल उपभोक्ताओं को ज्यादा बिल आया है, वह चेक या किश्तों के माध्यम जमा कर सकते हैं. यदि कंपनी के कर्मचारी बिल दुरुस्ती को लेकर आनाकानी करते हैं वे सीधे इस सम्बंध में जल निगम के उच्च अधिकारियों से संपर्क कर सके हैं.
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