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शिमला में पर्यटकों के बढ़ने से जल संकट गहराया, तीन दिन के अंतराल पर मिल रहा पानी

पिछले कुछ वर्षों के दौरान पर्यटन सीजन में शिमला शहर में पानी का संकट खड़ा हो जाता है

Shimla Water Crisis: जल निगम ने माना कि राजधानी शिमला में इन दिनों पर्यटन सीजन चरम पर है जिसके चलते होटलों में पानी की खपत बढ़ गई है. यहां रोजाना 25 हजार से ज्यादा गाड़ियां अन्य राज्यों से आ रही हैं ऐसे में होटलों की ऑक्युपेंसी बढ़ गई है. साथ ही होम स्टे और लोगों के घरों में मेहमानों की आमद बढ़ने से भी पानी की खपत बढ़ी है. इन वजहों से शहर में वॉटर क्राइसिस की स्थिति बन रही है

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शिमला. पहाड़ों की रानी पहाड़ों शिमला में पर्यटन सीजन शुरू होते ही पानी का संकट (Water Crisis In Shimla) गहराने लगा है. इसे देखते हुए शहर में पानी का जिम्मा संभाल रही जल निगम (Jal Nigam) कंपनी शहरवासियों को तीसरे दिन वॉटर सप्लाई (Water Supply) कर रही है. मंगलवार को शहर को 42.09 एमएलडी (MLD) पानी की आपूर्ति हुई है. लेकिन आधे शहरवासियों के हलक फिर भी सूखे रहे. जल निगम की ओर से शहर के कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति नहीं की गई. लोगों को यहां पानी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है. शिमला (Shimla) शहर में करीब 33 हजार पेयजल उपभोक्ता हैं जिनके लिए करीब 40 एमएलडी पानी की रोजाना आवश्यकता होती है.

कंपनी को विभिन्न पेयजल योजनाओं से 40 से 42 एमएलडी पानी मिलता है लेकिन फिर भी शहरवासियों को तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जल निगम और होटल कारोबारियों के बीच सांठगांठ है जिसका नुकसान आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.

होटल और होम स्टे में ऑक्युपेंसी बढ़ने से पानी की बढ़ी खपत
जल निगम ने भी माना है कि राजधानी शिमला में इन दिनों पर्यटन सीजन चरम पर है जिसके चलते होटलों में पानी की खपत बढ़ गई है. यहां रोजाना 25 हजार से ज्यादा गाड़ियां अन्य राज्यों से आ रही हैं ऐसे में होटलों की ऑक्युपेंसी बढ़ गई है. साथ ही होम स्टे और लोगों के घरों में मेहमानों की आमद बढ़ने से भी पानी की खपत बढ़ी है. इन वजहों से शहर में वॉटर क्राइसिस की स्थिति बन रही है.

जल निगम के एजीएम महमूद शेख ने बताया कि इसके अलावा कोटी-बरांडी, चेयड और चुरट पेयजल स्रोतों का सूखना भी मुख्य कारण माना जा रहा है. इसके चलते शहर की बड़ी पेयजल योजना गुम्मा का पानी दूसरे क्षेत्रों में बांटना पड़ रहा है और न्यू शिमला, पंथाघाटी और शकराह क्षेत्रों में वितरित किया जा रहा है. इसके अलावा बिजली में लगाए जा रहे कट के चलते भी पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है.

जल निगम को रोजाना मिल रहा 40 MLD से ज्यादा पानी
सोमवार को जहां शहर की सभी छह पेयजल परियोजनाओं से 38.99 एमएलडी पानी की आपूर्ति हुई है. वहीं, मंगलवार को सभी पेयजल परियोजनाओं से 42.09 MLD वॉटर सप्लाई हुई है जिसमें गुम्मा से 19.89 MLD, गिरि से 17.62 MLD, चुरट से 1.91, सियोग से 0.10, चेयड से 0.50 और कोटी बरांडी से 2.07 एमएलडी पानी की आपूर्ति हुई है जो शहरवासियों की रोजना की जरूरतों के लिए पर्याप्त है. लेकिन जल निगम की और होटल मालिकों की मिलीभगत के चलते शहरवासियों को तीसरे दिन ही पानी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है.

बता दें कि सप्ताहांत पर शिमला के ज्यादातर होटल फुल रहते हैं. ऐसे में इनमें पानी की खपत आम दिनों की तुलना में ज्यादा होती है. तीन दिन की छुट्टियों के लिए हजारों सैलानी शिमला आए हैं, इसे देखते हुए पानी की कमी से होटल कारोबारी परेशानी झेल सकते हैं. हालांकि, कंपनी सप्लाई होने पर पर्याप्त पानी देती है, लेकिन दो-तीन दिन कट लगने से होटलों का स्टोरेज भी खत्म होने लगता है.

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