छोटी काशी मंडी में बनेगा शिवधाम, ब्यास आरती भी होगी, 12 ज्योतिर्लिंग होंगे स्थापित

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 153 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने की प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है तथा कहा कि मंडी जिले में अन्रराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण कि लिए भी ‘ओएलएस’ सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है

News18 Himachal Pradesh
Updated: July 9, 2019, 6:14 PM IST
छोटी काशी मंडी में बनेगा शिवधाम, ब्यास आरती भी होगी, 12 ज्योतिर्लिंग होंगे स्थापित
हिमाचल का मंडी शहर. (फाइल फोटो)
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Updated: July 9, 2019, 6:14 PM IST
हिमाचल प्रदेश के मंडी में शिवधाम बनेगा. यहां 12 ज्योतिर्लिंग भी स्थापित होंगे. यह फैसला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में पर्यटन विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में लिया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मंडी शहर में शिव धाम विकसित करेगी, जहां 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा, गंगा आरती की तरह यहां ब्यास आरती भी होगी. उन्होंने कहा कि इस परियोजना की तीन माह के भीतर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी तथा इस वर्ष नवम्बर तक टैंडर मांगे जाएंगे.

ये योजनाएं भी पाइपलाइन में
जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा मॉं चिन्तपूर्णी में अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने के लिए प्रसाद योजना के तहत 27.18 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. परियोजना में कुछ और पहलु जोड़ कर विभाग ने इसके लिए 45.06 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाकर मंजूरी के लिए भेजी है.

सूबे में बन रहे हेलीपेड्स
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 153 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने की प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है तथा कहा कि मंडी जिले में अन्रराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण कि लिए भी ‘ओएलएस’ सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में हवाई सेवाएं बढ़ाने की दृष्टि से 6 हेलीपोर्ट्स बनाए गए हैं तथा शिमला व मनाली हैलीपोर्ट्स का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 64 हेलीपैड्स कार्य कर रहे हैं तथा प्रदेश के विभिन्न भागों में 11 और हेलीपैड्ज़ बनाने की प्रक्रिया जारी है.

रोपवे पर फोकस
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मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला में 150 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रोप-वे प्रोजैक्ट का कार्य प्रगति पर है, जबकि 289 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जाने वाले आदि हिमानी-चामुण्डा रोप-वे के लिए वन स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है. उन्होंने कहा कि 94.19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले भुन्तर-बिजली महादेव रोप-वे के लिए सर्वेक्षण करवा लिया गया है तथा 340 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जाने वाले पलचन-रोहतांग राज्जू मार्ग के लिए आवश्यक हिस्सा राशि जमा कर दी गई है.

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First published: July 9, 2019, 6:09 PM IST
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