शिमला स्मार्ट सिटी: ढाई साल बीत गए, नहीं शुरू हुआ कोई कार्य

पहाड़ों की रानी शिमला को केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल हुए ढाई वर्ष हो चले हैं. अभी तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है.

Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 6, 2019, 7:22 AM IST
शिमला स्मार्ट सिटी: ढाई साल बीत गए, नहीं शुरू हुआ कोई कार्य
शिमला स्मार्ट सिटी: ढाई साल बीत गए, नहीं शुरू हुआ कोई कार्य
Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 6, 2019, 7:22 AM IST
पहाड़ों की रानी शिमला को केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल हुए ढाई वर्ष हो चले हैं. अभी तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है. स्मार्ट सिटी परियोजना में जो बड़े कार्य किए जाने हैं, उसका अता-पता नगर निगम को नहीं है. इसे लेकर अब नगर निगम शिमला की मेयर कुसुम सदरेट भी मायूस हैं. मेयर ने खुद इस पर अफसोस जताते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी में वे कोई कार्य नहीं कर पाए हैं. मेयर ने सोमवार को अपने अफसरों के साथ बैठक कर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों की वस्तुस्थिति को जाना
और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कार्यों को शुरू करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत अभी तक किसी भी बड़े प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है.

मेयर ने बताया कि साल 2017 में शिमला स्मार्ट सिटी में शामिल हो गया था, लेकिन अब तक न तो पीएमसी की नियुक्ति हो पाई है और न ही किसी बड़े प्रोजेक्ट पर कोई कार्य शुरू हो पाया है. इसका एक बड़ा कारण एनजीटी भी है, क्योंकि, एनजीटी ने पिछले दिनों ढाई मंजिल से अधिक के भवन निर्माण पर रोक लगाने का आदेश पारित किया था. यह मामला अब सुप्रीमकोर्ट में लंबित है. इस कारण भी बड़े प्रोजेक्टों में देरी हो रही है. लेकिन हैरानी इस बात की है कि जो प्रोजेक्ट इसकी परिधि से बाहर हैं, उन्हें लेकर भी अफसरशाही सुस्त रवैया अपनाए हुए है.

स्मार्ट सिटी शिमला को केंद्र व प्रदेश सरकार से 100 करोड़ मिले

shimla smart city
नगर निगम मेयर ने माना स्मार्ट सिटी के नाम पर नहीं हुआ कोई भी कार्य.


मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि स्मार्ट सिटी शिमला को केंद्र और प्रदेश सरकार से करीब एक सौ करोड़ रुपए मिले हैं. इस राशि से पांच प्रोजेक्ट कार्यों का कार्य शुरू किया गया है. इसमें शहर में ई-शौचाल्य, गारबेज क्म्पेक्टर , मॉर्डन एम्बुलेंस, स्मार्ट स्कूल और संजौली से IGMC मार्ग को कवर करने का निर्माण कार्य किया जाना है. इसके अलावा स्मार्ट सिटी में अब तक सात कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है.

उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी का कार्य शुरू करने में कम्पनी को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसके लिए कंपनी को 23 विभागों के साथ मिलकर कार्य करना पड़ता है. इसके अलावा कुछ तकनीकी समस्याएं भी आ रही हैं, जिसके चलते स्मार्ट सिटी का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है. उन्होंने प्रदेश सरकार से स्मार्ट सिटी के लिए जल्द पीएमसी गठित करने की मांग की है ताकि स्मार्ट सिटी का कार्य शुरू हो सके.
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First published: August 6, 2019, 7:22 AM IST
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