लाइव टीवी

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में अभी तक मिल चुके हैं 2.5 मिलियन वर्ष पुराने फॉसिल

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: December 2, 2019, 5:36 PM IST
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में अभी तक मिल चुके हैं 2.5 मिलियन वर्ष पुराने फॉसिल
शिवालिक फॉसिल पार्क में जानवरों की रीढ़ की हड्डियां, हाथी, कछुए और शेर के अवशेष मिले हैं.

सिरमौर (Sirmaur District) में अभी तक 2.5 मिलियन साल पहले के फॉसिल (Fossil) मिल चुके है. यहां जानवरों की रीढ़ की हड्डियां, हाथी, कछुए और शेर के अवशेष मिले हैं. इन में से कुछ प्रजातियां ऐसी हैं, जो अब विलुप्त हो चुकी हैं.

  • Share this:
शिमला. क्या आपको पता है कि एशिया का सबसे बड़ा फॉसिल (Asia's Biggest Fossil Park) पार्क हिमाचल में है. यह फॉसिल पार्क हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले (Sirmaur District) के सुकेती में है. वर्ष 2019 में लगातार हिमाचल से जीवाश्म मिलने की खबरे सामने आ रही हैं. अभी हाल ही में सिरमौर के रझाणा गांव में लगभग 551 साल पुराना जीवाश्म मिला है. सिरमौर आए पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के भू-गर्भ वैज्ञानिकों की टीम को ये जीवाशम शोध के दौरान मिला है. इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी सैंकड़ों साल पुराने जीवाश्म मिले हैं.

इस पार्क का नाम शिवालिक फॉसिल पार्क हैं

हिमाचल के शिवालिक रिज़न में इस तरह के जीवाश्म का खजाना है और यहां पर समय समय पर शोध होते रहते हैं. सिरमौर के सुकेती में ही एशिया का सबसे बड़ा फॉसिल पार्क भी है. इस पार्क का नाम शिवालिक फॉसिल पार्क हैं. इसे नेचुरल जिओ फॉसिल पार्क के नाम से भी जाना जाता है. इस पार्क को 1974 में बनाया गया है और ये पार्क भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अधीन है.

 यहां जानवरों की रीढ़ की हड्डियां, हाथी, कछुए और शेर के अवशेष मिले हैं

सिरमौर में अभी तक 2.5 मिलियन साल पहले के फॉसिल मिल चुके है. यहां जानवरों की रीढ़ की हड्डियां, हाथी, कछुए और शेर के अवशेष मिले हैं. इन में से कुछ प्रजातियां ऐसी हैं, जो अब विलुप्त हो चुकी हैं. हिमालयन शिवालिक रिज़न में ही सबसे पुराना फॉसिल खोजा गया है, जो 7.5 मिलियन से 1.5 मिलियन वर्ष पुराना है. जिससे उस समय के मानव, जीव, जंतुओं और पेड़ पौधों के एवालुश्न कर पता चलता है.



सबसे ज्यादा जीवाश्म स्पीति की पीन वैली और परांगला पास में मिलते हैं.
Loading...

शिमला स्थित राज्य संग्रहालय के क्यूरेटर डॉ. हरि चौहान ने कहा कि शिवालिक रिज़न के अलावा प्रदेश में सबसे ज्यादा जीवाश्म स्पीति की पीन वैली और परांगला पास में मिलते हैं. प्रदेश में स्पीती वैली टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स में से एक है, लेकिन वहां के पुरातत्व महत्व के बारे में बहुत कम लोगों को ही जानकारी है. यहां पर प्री हिस्टॉरिक टाइम की बहुत सी चीजें मिली हैं, जिसमें मानव और जानवरों की रीढ़ की हड्डियां, कंकाल, स्टोनएज के टूल्स, पैट्रोक्लिपस, पिक्टोग्राफस और अन्य फॉसिलस भी मिले हैं. स्पीति और इसके आस पास के क्षेत्र में बहुत से पर्यटक घूमने जाते हैं. वहां किसी को अगर फॉसिल मिलते हैं तो इस महत्वपूर्ण चीजों को अच्छी तरह से संरक्षण नहीं मिलने के चलते कुछ लोगों ने इन्हें बेचना भी शुरू कर दिया है.

यह भी पढ़ें: धंस रहे हैं कांगड़ा के शहर और कई गांव, ब्यास नदी से डरने लगे हैं लोग

CM जयराम ठाकुर ने दी नौकरियों की सौगात, कहा-कॉन्सटेबल के 1000 पद भरे जाएंगे

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए शिमला से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 2, 2019, 5:28 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...