Shimla: IGMC में समोसे का डॉक्टरों ने किया 'पोस्टमॉर्टम' तो निकली साबुन की टिकिया
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Shimla: IGMC में समोसे का डॉक्टरों ने किया 'पोस्टमॉर्टम' तो निकली साबुन की टिकिया
खाने में साबुन का स्वाद मिलने पर डॉक्टरों ने समोसे को खोलकर देखा तो उसमें साबुन की टिकिया मिली.

आइजीएमसी की कैंटीन में डॉक्टरों का एक ग्रुप समोसे खाने गया. वहां उन्हें समोसे में साबुन का टेस्ट मिला. इसके बाद डॉक्टरों ने समोसे को खोल कर देखा तो उसमें साबुन की आधी टिक्की निकली.

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  • Last Updated: August 23, 2020, 1:01 PM IST
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शिमला. शिमला (Shimla) के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) की कैंटीन (canteen) में आमलोगों के साथ ही डॉक्टरों (Doctors) के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. यहां की कैंटीन में खाने की क्वॉलिटी बेहद खराब है. शनिवार को कैंटीन के समोसे में साबुन की टिकिया (Soap cake) पाई गई. इससे कुछ दिन पहले इस कैंटीन के खाने में तिलचट्टा (Cockroach) भी पाया गया था.

इससे पहले खाने में निकला था तिलचट्टा

ताजा मामला शनिवार का है. आइजीएमसी की कैंटीन में डॉक्टरों का एक ग्रुप समोसे खाने गया. वहां उन्हें समोसे में साबुन का टेस्ट मिला. इसके बाद डॉक्टरों ने समोसे को खोल कर देखा तो उसमें साबुन की आधी टिक्की निकली. डॉक्टरों ने इसकी शिकायत आईजीएमसी के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (MS) से की है. डॉक्टरों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है. पहले भी कई बार इस तरह की गड़बड़ियां पाई गई हैं. हर बार शिकायत की गई. इससे पहले इस कैंटिन के खाने में कॉकरोच निकले थे. चाय तक में भी गंदगी निकली है.



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डॉक्टरों ने की कैंटीन संचालक पर कार्रवाई की मांग

डॉक्टरों का कहना है कि वे 15-15 घंटे की ड्यूटी करते हैं. ऐसे में मजबूरी है कि इसी कैंटीन से हमें खाना खाना है. पूरे कॉलेज में एक ही कैंटीन है और यहां पर खाने में गदगी परोसी जा रही है. डॉक्टरों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. आपकों बता दें कि आइजीएमसी की इस कैंटीन का संचालन निजी हाथों में है और यहां डॉक्टरों के साथ ही तीमारदार और मरीज भी खाना खाते हैं. खाने की गुणवत्ता को लेकर कई बार सवाल खड़े किए गए हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है. हालांकि, बाद में पूरे मामले पर कैंटीन संचालकों ने माफी मांग ली है.
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