गरीबी का फायदा उठाकर कुछ संस्थाएं करवा रही धर्म परिवर्तन: CM

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 30, 2019, 4:11 PM IST
गरीबी का फायदा उठाकर कुछ संस्थाएं करवा रही धर्म परिवर्तन: CM
जय राम ठाकुर. सीएम, हिमाचल प्रदेश. (FILE PHOTO)

हिमाचल (Himachal Pradesh) में चंबा, सिरमौर, मंडी और कुल्लू (Kullu) जिले के दुर्गम क्षेत्रों में पहले भी धर्म परिवर्तन की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद जयराम सरकार (Jairam Government) ने नया कानून (Law) बनाया है. हालांकि, यह भी कहा कि अपनी मर्जी से बिना डर के कोई भी धर्मपरिवर्तन कर सकता है.

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हिमाचल विधानसभा (Himachal Vidhansabha) ने सर्वसहमति से शुक्रवार को धर्मपरिवर्तन (Religion Conversion) को रोकने वाले कानून को पास कर दिया है. बीते गुरुवार को हिमाचल प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता विधेयक सदन में पेश किया गया था, जिस पर आज चर्चा होने के बाद बिल पारित हो गया है.

कांग्रेस ने यह विरोध किया
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को दसवें दिन धर्म की स्वतंत्रता बिल पर चर्चा हुई, जिसमें कांग्रेस की ओर से कुछ शंकाए भी पैदा की गई और नाराजगी भी. दरअसल, कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने कहा कि धर्मांतरण रोकने के लिए 2006 में तत्कालीन वीरभद्र सिंह सरकार (Virbhadra Government) ने सबसे पहले सदन में कानून बनाया था. उसी बिल में सरकार को संशोधन करना चाहिए था, लेकिन सरकार ने नया बिल सदन में लाया है, जो गलत है.

सीएम ने यह जवाब दिया

कांग्रेस नेताओं के सवालों पर सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) ने सदन में कहा कि कांग्रेस का बिल छोटा था, अगर उसे संशोधित करना पड़ता तो बिल छोटा पड़ जाता और संशोधन बड़े होते.

इसलिए लाया गया बिल
दरअसल, सरकार ने यह कानून ईसाई मिशनरियों को फोकस कर तैयार किया है. हिमाचल में कई इलाकों में ईसाई मिशनरियों पर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगा रहे हैं. सरकार का तर्क है कि कि कुछ संस्थाएं और संगठन गरीबों को धन का प्रलोभन देकर धर्मपरिवर्तन करवाते हैं. साथ ही कुछ जगहों पर शादी का झांसा देकर या फिर एक पत्नी होते हुए दूसरी पत्नी रखने के लिए धर्म परिवर्तन करते हैं. ऐसे में शादी के उद्देश्य से धर्मपरिवर्तन मान्य नहीं होगा. इसके अलावा अगर कोई धर्म परिवर्तन करवानते हुए पकड़ा जाता है तो उस पांच साल तक अधिकतम सजा का प्रावधान रखा गया है.
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कांग्रेस सरकार के प्रावधान
जयराम सरकार का यह भी तर्क है कि पूर्व वीरभद्र सिंह सरकार में बने कानून में यह प्रावधान था कि धर्मपरिवर्तन से एक महीने पहले व्यक्ति को इसकी सूचना डीसी को देनी होती थी. अगर फिर भी कोई धर्मपरिवर्तन करवाते हुए पकड़ा जाता था तो उसे मामूली जुर्माने का प्रावधान था. अब नए कानून में यह अपराध संज्ञेय और गैर जमानती होगा.

यहां-यहां मामले
हिमाचल में चंबा, सिरमौर, मंडी और कुल्लू जिले के दुर्गम क्षेत्रों में पहले भी धर्म परिवर्तन की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद जयराम सरकार ने नया कानून बनाया है. हालांकि, यह भी कहा कि अपनी मर्जी से बिना डर के कोई भी धर्मपरिवर्तन कर सकता है.

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First published: August 30, 2019, 4:07 PM IST
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