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कन्या भ्रूण हत्या पर सख्ती, क्लिनिक के नई रजिस्ट्रेशन के आवेदन होंगे खारिज

कन्या भ्रूण हत्या पर सख्ती, क्लिनिक के नई रजिस्ट्रेशन के आवेदन होंगे खारिज

क्लिनिक और अस्पताल मालिकों को पीएनडीटी एक्ट दरकिनार करना महंगा पड़ सकता है। एक्ट के तहत यदि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ किसी भी न्यायालय में मामला दर्ज होता है तो क्लिनिक या अस्पताल फिर से खोलने के लिए सम्बन्धित आरोपी का पंजीकरण आवेदन खारिज किया जाएगा।

क्लिनिक और अस्पताल मालिकों को पीएनडीटी एक्ट दरकिनार करना महंगा पड़ सकता है। एक्ट के तहत यदि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ किसी भी न्यायालय में मामला दर्ज होता है तो क्लिनिक या अस्पताल फिर से खोलने के लिए सम्बन्धित आरोपी का पंजीकरण आवेदन खारिज किया जाएगा।

क्लिनिक और अस्पताल मालिकों को पीएनडीटी एक्ट दरकिनार करना महंगा पड़ सकता है। एक्ट के तहत यदि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ किसी भी न्यायालय में मामला दर्ज होता है तो क्लिनिक या अस्पताल फिर से खोलने के लिए सम्बन्धित आरोपी का पंजीकरण आवेदन खारिज किया जाएगा।

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क्लिनिक और अस्पताल मालिकों को पीएनडीटी एक्ट दरकिनार करना महंगा पड़ सकता है। एक्ट के तहत यदि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ किसी भी न्यायालय में मामला दर्ज होता है तो क्लिनिक या अस्पताल फिर से खोलने के लिए सम्बन्धित आरोपी का पंजीकरण आवेदन खारिज किया जाएगा।

इतना ही नहीं आरोपी के अस्पताल या क्लिनिक के पंजीकरण का रिन्यूल भी नहीं होगा। केंद्र सरकार की ओर से इस सम्बंध में अधिसूचना जारी की गई है। कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए सरकार का यह कदम मददगार साबित होगा। इस सम्बंध में हिमाचल सरकार को भी आदेश जारी हुए हैं। नई अधिसूचना के तहत बनाए गए नियम सभी प्रदेशों में लागू होंगे।

केंद्र सरकार नें पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1996 के नियम 18-ए के उपनियम 4 में संशोधन किया है। इसी उपनियम के 4- 2 में यह प्रावधान किया गया है। मामले को लेकर अभी तक संश्य बना हुआ था। लेकिन केंद्र सरकार ने एक्ट के तहत नए उपनियम बनाकर सपष्ट कर दिया कि कन्या भ्रूण हत्या करने वाले और एक्ट के तहत आरोपी लोगों को क्लिनिक स्थापित करने के लिए नया पंजीकरण आवेदन खारिज कर दिया जाएगा।

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