NSUI का SFI पर आरोप कहा, 'SFI फैलाती है सांप्रदायिकता'

शिमला के उत्कृष्ट राजकीय महाविद्यालय संजौली में छात्र संगठन एनएसयूआई और एसएफआई एक बार फिर कॉलेज परिसर में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते दिखे.

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 12, 2018, 7:48 AM IST
NSUI का SFI पर आरोप कहा, 'SFI फैलाती है सांप्रदायिकता'
NSUI का SFI पर आरोप कहा, 'SFI फैलाती है सांप्रदायिकता'
Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 12, 2018, 7:48 AM IST
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शिक्षण संस्थान अब केवल राजनीतिक अखाड़ा बनकर रहे गए हैं. शिमला के उत्कृष्ट राजकीय महाविद्यालय संजौली में छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते दिखे.

दरअसल, उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली में बीते शनिवार को एनएसयूआई ने नासिर खां को श्रद्धांजलि दी और इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाया. साथ ही एनएसयूआई ने कॉलेज कैंपस में एक रैली निकालकर प्रशासन से नासिर के कातिलों को कड़ी सजा देने की मांग की. एनएसयूआई के प्रांत मंत्री बलवीर सिंह ने एसएफआर्इ पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसएफआई के कार्यकरताओं ने बेरहमी ने नासिर खां का कत्ल किया था. बलवीर ने यह भी कहा कि एसएफआई ने शुरू से ही सांप्रदायिकता फैलाने का काम किया है. छात्रों को डरा धमकाकर एसएफआई ने शिक्षण संस्थानों का माहौल खराब कर दिया है. ऐसे में इस तरह के हिंसा फैलाने वाले छात्र संगठन को बंद कर देना चाहिए.

वहीं एनएसयूआर्इ के इस आरोप पर एसएफआई ने पलटवार करते हुए कहा कि एनएसयूआई खुद कांग्रेस फंडिड संघ है. एनएसयूआई का न तो कोई वजूद है और ना ही कोई संविधान. एनएसयूआई केवल कांग्रस की पूंछ है और कांग्रेस के इशारे पर काम करती है. एसएफआई की संजौली कॉलेज की कैंपस सैक्रेट्री प्रियंका नेगी ने कहा कि शायद एनएसयूआई को इतिहास की जानकारी नहीं है क्योंकि एसएफआई को नासिर खां मामले में क्लीन चिट मिल गई है. इसलिए एनयूएसआर्इ द्वारा लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं. प्रियंका नेगी ने यह भी कहा कि एसएफआई ने हमेशा से छात्र हितों की बात की है और एनएसयूआई को यही बात खटकती है.

कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. सी. बी. मेहता का कहना है कि कॉलेज कैंपस में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसलिए कॉजेल हर संभव प्रयास करता है कि यहां के छात्रों में अनुशासन बना रहे. कैंपस में होने वाली छात्र राजनीति का आम छात्रों पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है. ऐसे में कॉलेज में कोई हिंसक घटना न हो इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाता है.
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