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HPU के वाइस चांसलर के खिलाफ छात्र संगठनों ने खोला मोर्चा, VC ऑफिस के बाहर किया प्रदर्शन, जानें वजह

HPU के वाइस चांसलर के खिलाफ छात्र संगठनों ने खोला मोर्चा, VC ऑफिस के बाहर किया प्रदर्शन, जानें वजह

इन सभी मांगो और आरोपों पर विवि के कुलपति प्रो.सिंकदर कुमार से पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने बैठक का हवाला देकर बात करने से इनकार कर दिया.

इन सभी मांगो और आरोपों पर विवि के कुलपति प्रो.सिंकदर कुमार से पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने बैठक का हवाला देकर बात करने से इनकार कर दिया.

Himachal Pradesh News: एबीवीपी ने कहा कि नए छात्रावास निर्माण हेतु भूमि चयनित की गई है लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरु नहीं किया गया जिस कारण छात्रावासों की कमी के कारण छात्रों को मजबूरन किराए के कमरे में रहना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि यूजी के कुछ छात्र असेसमेंट में न्यूतम आधार से कम नंबर के कारण फेल हैं. ऐसे छात्रों के लिए रिवाइज्ड असेसमेंट का पोर्टल ओपन होना चाइए, ताकि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना छात्र को न झेलनी पड़े.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (Himachal Pradesh University) एक बार फिर से सुर्खियों में है. शनिवार को एचपीयू में कार्यकारिणी परिषद की बैठक से ठीक पहले वीसी ऑफिस (VC Office) के बाहर जमकर प्रदर्शन (Protested) हुआ. एबीवीपी, एसएफआई और एनएसयूआई के साथ- साथ कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया. ईसी सदस्यों को अपने मांग पत्र भी सौंपे. जानकारी के मुताबिक, एचपीयू के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के खिलाफ छात्र संगठनो के साथ- साथ कर्मचारियों ने भी मोर्चा खोल दिया है.

दरअसल, कर्मचारी पिछले तीन दिनों से वीसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन सीधी भर्ती के जरिए अपने चहेतों एआर की पोस्ट पर तैनात करना चाहता है. एफसी बैठक में एआर के 10 पद पदोन्नति के माध्यम को छोड़ सीधी भर्ती से करवाने का फैसला लिया गया है. कर्मचारी नेता तेज राम शर्मा ने कहा कि ये फैसला कर्मचारियों के खिलाफ है. विवि की स्थापना से लेकर अब तक पदोन्नति के जरिए ही ये पद भरे जाते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ईसी की बैठक के एक दिन पहले कम्प्यूटर सांइस विभाग में 6 लोगों की बैक डोर एंट्री करवाई गई. और लंबे समय से नियमों को दरकिनार कर प्रशासन अपने लोगों को नौकरी दे रहा है, जिनमें अधिकतर अयोग्य हैं. कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर गलत फैसले वापस नहीं लिए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा.

अधिकारी को बैठक में जाने नहीं दिया जाएगा
वहीं, दूसरी छात्र संगठनों ने विवि में पीएचडी में दिए गए दाखिलों को रद्द करने की मांग की. एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के कुलपति अपने बेटे को पीएचडी में नियमों को ताक पर रखकर प्रवेश दिया है. इसके अलावा भी प्रशासन के रिश्तेदारों को भी प्रवेश दिया गया है. ईआरपी सिस्टम में करोड़ों के घोटाले का आरोप भी एनएसयूआई ने लगाए हैं. एनएसयूआई ने कुलपति और विवि प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए. एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि अगर एनएसयूआई की मांगे नहीं मानी गईं तो आगामी ईसी की बैठक में वीसी समेत किसी भी सदस्य और अधिकारी को बैठक में जाने नहीं दिया जाएगा.

स्नातक पूर्ण करने में छात्र असमर्थ हैं
एबीवीपी ने कहा कि नए छात्रावास निर्माण हेतु भूमि चयनित की गई है लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरु नहीं किया गया जिस कारण छात्रावासों की कमी के कारण छात्रों को मजबूरन किराए के कमरे में रहना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि यूजी के कुछ छात्र असेसमेंट में न्यूतम आधार से कम नंबर के कारण फेल हैं. ऐसे छात्रों के लिए रिवाइज्ड असेसमेंट का पोर्टल ओपन होना चाइए, ताकि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना छात्र को न झेलनी पड़े. एबीवीपी के नेताओं का कहना है कि असेसमेंट न होने के कारण छात्रों के साल खराब हो रहे हैं और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित समय 5 वर्ष में स्नातक पूर्ण करने में छात्र असमर्थ हैं. इसलिए ऐसे छात्रों को शीघ्र पोर्टल ओपन करने के बाद न्याय दिया जाए.

बैठक का हवाला देकर बात करने से इनकार कर दिया
साथ ही केंद्रीय विश्वविद्यालय की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को फेलोशिप का प्रावधान करने की भी मांग की. एसएफआई ने पीएचडी के दाखिलों में धांधली का आरोप लगाया. एसएफआई का कहना है कि विवि प्रशासन ने अपने चहेतों को दाखिले देने के लिए यूजीसी के नियमों को दरकिनार किया. एसएफआई ने ईआरपी सिस्टम की खामियों को दूर करने और एससीए चुनाव बहाली की मांग की. एसएफआई ने विवि में ठेका प्रथा को बंद करने और अपने 7 छात्र नेताओं के निष्कासन को रद्द करने की भी मांग की. छात्र संगठनों और कर्मचारी संगठनों मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है. इन सभी मांगो और आरोपों पर विवि के कुलपति प्रो.सिंकदर कुमार से पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने बैठक का हवाला देकर बात करने से इनकार कर दिया.

Tags: Himachal pradesh news, Protest, Shimla News

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