अधिवक्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का सुप्रीम कोर्ट ने किया हनन: रमाकांत शर्मा

देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तुगलकी फरमान की संज्ञा देते हुए राज्य विधि परिषद के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट पर अधिवक्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया.

G.S. Tomar | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 12, 2018, 3:59 PM IST
अधिवक्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का सुप्रीम कोर्ट ने किया हनन: रमाकांत शर्मा
देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तुगलकी फरमान की संज्ञा देते हुए राज्य विधि परिषद के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट पर अधिवक्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया.
G.S. Tomar | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 12, 2018, 3:59 PM IST
देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तुगलकी फरमान की संज्ञा देते हुए राज्य विधि परिषद के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट पर अधिवक्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया. शिमला में प्रेसवार्ता आयोजित कर रमाकांत शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार देश के अधिवक्ता हड़ताल, प्रदर्शन और काम का बहिष्कार नहीं कर सकेंगे.

राज्य विधि परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि न्यायपालिका में विधानपालिका की गैर जरूरी हस्तक्षेप के संकेत के फैसले में साफ झलक रहे हैं. रमाकांत ने कहा कि 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ देश के सभी राज्यों की विधि परिषदें प्रस्ताव पारित कर सीएम और राज्यपाल को सौंपेंगे जबकि निचली अदातलों के वकील डीसी, एसडीएम, जिला न्यायाधीशों के माध्यम से प्रस्ताव भेंजेगे.

रमाकांत शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला वापस नहीं लेने पर अक्तूबर माह में दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट से लेकर संसद भवन तक देश के लाखों अधिवक्ता विरोध रैली निकालेंगे. रमाकांत शर्मा ने कहा कि किसी भी सेवानिवृत न्यायाधीश को दोबारा सरकारी पदों पर सेवाएं नहीं देना चाहिए भारतीय विधि परिषद इसका विरोध करती है. रमाकांत शर्मा ने कहा कि अधिवक्ताओं को अन्य जीवन और व्यवसाय से जुड़ी सुरक्षा भी मिलनी चाहिए.
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