हिमाचल में क्षेत्रीय दल की आहट: पूर्व BJP सांसद राजन सुशांत बनाएंगे नई पार्टी
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हिमाचल में क्षेत्रीय दल की आहट: पूर्व BJP सांसद राजन सुशांत बनाएंगे नई पार्टी
पूर्व भाजपाई मंत्री राजन सुशांत.

राजन सुशांत कभी धूमल सरकार में राजस्व मंत्री हुआ करते थे. इसी पार्टी के टिकट पर कांगड़ा-चंबा से सांसद चुनकर भी गए, लेकिन बाद में वैचारिक मतभेद पैदा हुआ और पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक भी बनें.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) को लेकर बेशक अभी काफी वक्त है. लेकिन सूबे की सियासत में एक नए राजनीतिक दल (Political Party) की आहट सुनाई देने लगी है. पूर्व सांसद एवं बीजेपी (BJP) सरकार में मंत्री रहे राजन सुशांत ने क्षेत्रीय दल बनाने का ऐलान कर दिया है. शिमला में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए राजन सुशांत (Rajan Sushant) ने यह बात कही है. उन्होंने दावा किया कि यह क्षेत्रीय दल पूर्व में बने दलों की तरह खत्म नहीं होगा. इसमें ईमानदार, अच्छी छवि के प्रभावशाली लोगों को शामिल किया जाएगा.

नवरात्र में होगा ऐलान

नये दल के नाम का ऐलान नवरात्रों में होगा. इससे पहले कानूनी औपचारिकताएं पूरी होंगी। चुनाव आयोग के समक्ष नए दल के अप्लाई किया जाएगा. अगर चुनाव आयोग से पंजीकरण में देरी हुई तो भी नवरात्रों में दल का ऐलान कर दिया जाएगा. राजन सुशांत ने कहा कि लोग बीजेपी-कांग्रेस तंग आ गए हैं. इन्होंने सत्ता के लिए बारी लगाई हुई है. आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 68 सीटों पर क्षेत्रीय दल के प्रत्याशी उतारे जाएंगे.



विधायकों की पेंशन खत्म करने के लिए अध्यादेश लाए सरकार
राजन सुशांत ने विधायकों को मिलने वाली पैंशन के बहाने सरकार पर हमला बोला है. डेढ़ लाख कर्मचारियों की पैंशन को मुद्दा बनाते हुए राजन सुशांत ने कहा कि इन्हें 2003 से न्यू पैंशन स्कीम के तहत लाया गया है. एक कर्मचारी रिटायरमेंट के दिन 50 हजार सैलरी ले रहा होता है तो अगले महीने पैंशन के रूप में उसे अढ़ाई हजार रूपये मिलते हैं. आज हर न्यू पैंशन स्कीम के तहत कार्यरत कर्मचारी एक हजार से लेकर अढ़ाई हजार तक पैंशन पा रहा है. जो उनके साथ अन्याय है. सरकार एनपीएस लागू करने के लिए बाध्य नहीं है. ऐसे में ओल्ड पैंशन स्कीम को लागू किया जाए. राजन सुशांत ने कहा कि अगर सरकार इसमें असमर्थ है तो वह तुरंत अध्यादेश लाए और विधायकों को मिलने वाली पैंशन को खत्म करके उन्हें भी न्यू पैंशन स्कीम के तहत लाया जाए.

कभी आप में भी गए थे राजन सुशांत

राजन सुशांत कभी धूमल सरकार में राजस्व मंत्री हुआ करते थे. इसी पार्टी के टिकट पर कांगड़ा-चंबा से सांसद चुनकर भी गए, लेकिन बाद में वैचारिक मतभेद पैदा हुआ और पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक भी बनें. चूंकि ‘आप’ में ज्यादा नहीं टिक पाए और अब अपना क्षेत्रीय दल बनाकर नई राजनीतिक पारी शुरू करने की मंशा पाले हैं. हालांकि, यहां पर पहले भी क्षेत्रीय दल बने हैं, लेकिन वो ज्यादा नहीं टिक पाए हैं. बहरहाल देखना यह है कि राजन सुंशात अब कितना सफल हो पाते हैं.
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