होम /न्यूज /हिमाचल प्रदेश /हिमाचल में स्वाइन फ्लू से 16 माह की बच्ची की मौत, कांगड़ा में सबसे ज्यादा मामले

हिमाचल में स्वाइन फ्लू से 16 माह की बच्ची की मौत, कांगड़ा में सबसे ज्यादा मामले

सांकेतिक तस्वीर.

सांकेतिक तस्वीर.

डॉ. सोनम नेगी, स्टेट सर्विलेंस ऑफिसर, एनएचएम का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश की ओर से लोगों को समय ...अधिक पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश में जैसे जैसे सर्दी बढ़ने लगी है, वैसे-वैसे स्वाइन ने भी कहर ढाना शुरू कर दिया. हिमाचल के ऊना के 16 माह की एक बच्ची की चंडीगढ़ पीजीआई में मौत हो गई है. साल 2019 में स्वाइन फ्लू से प्रदेश में मौत का यह पहला मामला सामने आया है. वहीं, नए साल में कांगड़ा में सबसे अधिक छह मामले सामने आए हैं.

    जानकारी के अनुसार, 16 महीने की 12 जनवरी को बच्ची की मौत हुई है. किसी बीमारी को लेकर बच्ची को चंड़ीगढ पीजीआई में दाखिल किया गया था, लेकिन वहां वह स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गई और 12 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया. प्रदेश में ही नए साल में स्वाइन फ्लू के 8 मामले सामने आए हैं. सबसे ज्यादा स्वाइन फ्लू के छह मामले कांगड़ा जिला से हैं. इसके अलावा. सोलन और ऊना से एक-एक मामला रिपोर्ट हुआ है.

    ये है पांच साल के आंकड़ा
    हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों की बात की जाए तो साल 2015 से स्वाइन फ्लू के मामले घटे हैं. साल 2015 में प्रदेश में 123 मामले और 27 लोगों की मौत हुई थी. साल 2016 में ये आंकड़ा घटकर 14 पहुंचा और 5 लोगों की मौत हुई थी. 2107 में 77 केस रिपोर्ट हुए और 15 लोगों की मौत हुई. साल 2018 में आंकड़ा फिर घटा और 7 मामले और केवल दो लोगों की मौत हुई थी. अब 2019 के जनवरी के दस ही दिनों में स्वाइन फ्लू के 8 मामले सामने आ चुके हैं और एक बच्ची की जान जा चुकी है.

    डॉ. सोनम नेगी, स्टेट सर्विलेंस ऑफिसर, एनएचएम का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश की ओर से लोगों को समय-समय पर स्वाइन फ्लू से बचाव करने के लिए जागरूक करता है. यह एक संक्रमण बीमारी है, जो इंसान से इंसान को लगती है. जब कोई स्वाइन फ्लू का मरीज छींकता है तो उसके आसपास 3 फीट की दूरी तक खड़े व्यक्तियों के शरीर में इस फ्लू का वायरस प्रवेश कर जाता है.

    स्‍वाइन फ्लू के लक्षण
    1. इस दौरान 100.4°F तक की बुखार आता है.
    2. भूख कम लगना है और नाक से पानी बहना है.
    3. कुछ लोगों को गले में जलन, उल्टी और डायरिया भी हो जाता है.

    ये भी पढ़ें- 

    हिमाचल कांग्रेस विधायक दल दो फाड़! वीरभद्र के समर्थन में 11 विधायकों ने सुक्खू पर बोला हमला

    हिमाचल में अब पहली से 8वीं तक फेल न करने की व्यवस्था होगी खत्म

    10 साल से पौंग झील में मछली पकड़ने वाली शकुंतला को नहीं मिला सम्मान

    Tags: Shimla, Swine flu

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें