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करोड़ों के घाटे में है हिमफैड, सेब के सहारे नैया पार लगाने की चल रही कोशिश!

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: October 7, 2019, 2:44 PM IST
करोड़ों के घाटे में है हिमफैड, सेब के सहारे नैया पार लगाने की चल रही कोशिश!
हिमफैड 30 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहा है.

हिमफैड 30 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहा है. यहां कर्मचारियों की सैलरी तक का संकट खड़ा हो गया है.

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शिमला. जयराम सरकार के कई लोक उपक्रम घाटे में चल रहे हैं. इसमें बोर्ड, निगम सहित कई सरकारी उपक्रम शामिल हैं. फिलहाल यह सभी लोक उपक्रम अपने पैरों पर खड़ा होने की स्थिति में भी नहीं है. यही हाल हिमफैड (HIMFED) का भी है. हिमफैड 30 करोड़ रुपये के घाटे (Big Loss) में चल रहा है. यहां कर्मचारियों की सैलरी तक का संकट खड़ा हो गया है. हिमफैड के चैयरमेन गणेश दत्त (Ganesh Dutt) का भी मानना है कि घाटा से उबरने के लिए और बिजनेस की तलाश की जा रही है. उन्होंने बताया कि सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) को भी इस बारे में एक प्रपोजल दिया गया है ताकि हिमफैड अपने पैरों पर खड़ा हो सके.

सेब की अधिक खरीददारी करेगी हिमफैड

गणेश दत्त ने बताया कि फिलहाल हिमफैड का फोकस इस बार सेब (Apple) की अधिक खरीददारी पर है. बंपर क्रॉप होने की वजह से सी ग्रेड सेब भी काफी हुआ है. उन्होंने बताया कि सेब की खरीद के लिए हिमफैड की ओर से 117 कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं. इनमें सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 8 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सेब खरीद की जा रही है.

Ganesh Dutt
हिमफैड के चैयरमेन गणेश दत्त का भी मानना है कि घाटा से उबरने के लिए और बिजनेस की तलाश की जा रही है.


बीते साल हिमफैड ने 15 लाख टन सेब खरीदा था

गणेश दत्त ने कहा कि बीते साल हिमफैड ने 15 लाख टन सेब खरीदा था लेकिन इस बार अब तक 25 लाख टन सेब खरीदा जा चुका है और अभी करीब 20 दिन सेब सीजन में और बाकी है. ऐसे में अच्छा लाभ होने की उम्मीद है. हिमफैड सेब खरीदने के बाद फाइनल आॅक्शन परवाणू में करता है, जहां अन्य राज्यों से आने वाले व्यापारी सी ग्रेड सेब खरीदते हैं.

हिमफैड से 900 से ज्यादा सहकारी सभाएं जुड़ी हैं
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बहरहाल सरकार के घाटे में चल रहे उपक्रमों पर बेशक सेब की मेहरबानी है, लेकिन घाटे से उबरने के लिए अभी और अवसरों को तलाशने की जरूरत है. हिमफैड वर्तमान में मुख्यतौर पर किसानों-बागवानों के लिए खाद वितरण का काम करता है. हिमफैड से 900 से ज्यादा सहकारी सभाएं जुड़ी हैं.

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First published: October 7, 2019, 2:29 PM IST
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