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हिमाचल के सीएम जय राम ठाकुर के सामने ये रहेंगी चुनौतियां

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयराम ठाकुर ने बुधवार को हिमाचल के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है. लेकिन उनके सामने ढ़ेरों चुनोतियां हैं.सबसे पहले उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती 53 हजार करोड़ के कर्ज में डूबे प्रदेश में विकास कार्यों के लिए संसाधन जुटाने की रहेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 27, 2017, 12:19 PM IST
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जयराम ठाकुर ने बुधवार को हिमाचल के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है. लेकिन उनके सामने ढ़ेरों चुनोतियां हैं.सबसे पहले उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती 53 हजार करोड़ के कर्ज में डूबे प्रदेश में विकास कार्यों के लिए संसाधन जुटाने की रहेगी.

भाजपा की चुनावी घोषणाओं को पूरा करना उनके लिए आसान नहीं होगा. पूर्व कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में 2800 रुपये का कर्ज लिया था. उनके सामने खराब वित्तीय हालात बड़ी चुनौती है.

अफसरशाही पर लगाम
प्रशासनिक तौर पर लचर हो चुकी अफसरशाही पर लगाम कसना भी जयराम के सामने बड़ी चुनौती होगी. क्योंकि वह नए मुख्यमंत्री हैं. ऐसे में अफसरशाही को अपने तरीके से हैंडल करने में उन्हें परेशानी हो सकती है.वैसे भी वह कह चुके हैं कि रिटायर्ड और टायर्ड अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा.
बिगड़ी कानून व्यवस्था सुधारना चुनौती


बता दें कि हिमाचल में बीते कुछ महीनों में कानून व्यवस्था बदहाल हुई है. कोटखाई प्रकरण में पुलिस वालों की छवि पर गहरा असर पड़ा है. इसके अलावा, प्रदेश भर में रेप और मर्डर के मामले बढ़े हैं. कहीं ना कहीं पुलिस पर लोगों का विश्वाश कम हुआ है. ऐसे में इस विश्वाश को बहाल करना सरकार के लिए आसान काम नहीं होगा.

कर्मचारियों को खुश करना
विधानसभा चुनाव के दौरान कर्मचारियों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए 4-9-14 की घोषणा, बेरोजगारी दूर करना, हिमाचल को भ्रष्टाचार मुक्त करने के साथ-साथ आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पालिसी, सरकारी विभागों, निगम बोर्डों को पेंशन योजना, अवैध कब्जों के नियमितीकरण को नीति बनाना, निजी स्कूलों की अनुचित शुल्क वृद्धि पर रोक, केंद्र सरकार की ओर से मिले नेशनल हाइवेज को जमीनी स्तर पर शुरू करवाना भी चुनौती से कम नहीं है.

गुटबाजी और भाजपा नेताओं में तालमेल बनाना
हिमाचल भाजपा से इस बार 44 विधायक जीतकर आए हैं. जयराम ठाकुर उम्र में कईयों से जूनियर हैं. मुख्यमंत्री होते हुए वरिष्ठ नेताओं के साथ तालमेल बिठाना और सबको साथ लेकर चलना ठाकुर के लिए चुनौती से कम नहीं होगा. शांता, धूमल और नड्डा खेमे से जुड़े विधायकों को एकजुट रखना जयराम के लिए आसान नहीं होगा.
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