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कोटखाई गैंगरेप और मर्डर: पूर्व SHO सहित 3 आरोपी पुलिस वालों की जमानत खारिज

(सांकेतिक तस्वीर)

(सांकेतिक तस्वीर)

Kotkhai Gangrape and Murder: शिमला से 60 किलोमीटर दूर कोटखाई में 4 जुलाई 2017 को एक स्कूली छात्रा लापता हो गई थी. दो दिन बाद जंगल से उसका शव बरामद हुआ था. इस मामले में पुलिस ने कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें एक आरोपी सूरज था, जिसकी कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 को हत्या कर दी गई.

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शिमला. हिमाचल के शिमला (Shimla) के चर्चित कोटखाई गैंगरेप और मर्डर (Kotkhai Gang rape and Murder) केस से जुड़े सूरज कस्टोडियल डेथ (Suraj Custodial Death) मामले में आरोपी तीन पुलिस कर्मियों की जमानत कोर्ट ने खारिज कर दी है. बुधवार को इस मामले में चंडीगढ़ (Chandigarh) में सीबीआई कोर्ट (CBI Court) में सुनवाई हुई और कोर्ट ने मामले में आरोपी तीन पुलिस वालों की जमानत याचिका खारिज कर दी. इस दौरान तीन गवाहों की गवाही भी हुई है. दो डॉक्टरों के अलावा, मामले के आरोपी रहे आशीष चौहान ने भी अपने बयान दर्ज करवाए हैं.

यह है मामला
बता दें कि 18 जुलाई 2017 को कोटखाई थाने (Kotkhai Police Station) में सूरज की संदिग्ध मौत हो गई. सीबीआई जांच में सामने आया है कि पुलिस टॉर्चर (Police Torture) से सूरज की मौत हुई है. इस मामले में सीबीआई ने पूर्व आईजी जैदी, शिमला के पूर्व एसपी नेगी सहित कुल नौ पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया था. अब आरोपी पूर्व एसएचओ राजिंद्र सिंह, रफीक अली और कांस्टेबल रंजीत ने कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है. मामले की अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी.

2017 का मामला, नग्न मिली थी नाबालिग की लाश
गौरतलब है कि शिमला से 60 किलोमीटर दूर कोटखाई में 4 जुलाई 2017 को एक स्कूली छात्रा लापता हो गई थी. दो दिन बाद जंगल से उसका शव बरामद हुआ था. इस मामले में पुलिस ने कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें एक आरोपी सूरज था, जिसकी कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 को हत्या कर दी गई. सीबीआई जांच में सामने आया कि सूरज की मौत पुलिस टॉर्चर के कारण हुई थी.



पूरी पुलिस एसआईटी गिरफ्तार
सूरज हत्याकांड (Suraj Murder Case) में 29 अगस्त 2017 को सीबीआई टीम ने आईजी जहूर जैदी, शिमला के पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी, ठियोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफिक अली और कांस्टेबल रंजीत को गिरफ्तार किया था. इनके खिलाफ शिमला में सीबीआई कोर्ट में केस चल रहा था, लेकिन किसी वकील के पैरवी ना करने पर सुप्रीम कोर्ट ने केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर कर दिया था. वहीं, गुड़िया गैंगरेप और मर्डर मामला शिमला में विचाराधीन है. इस मामले में सीबीआई ने एक आरोपी गिरफ्तार किया है.

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