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हिमाचल में 7 घंटे में तीन बार आया भूकंप, 3 दिन में 5वीं बार हिली धरती
Shimla News in Hindi

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: February 28, 2020, 7:13 PM IST
हिमाचल में 7 घंटे में तीन बार आया भूकंप, 3 दिन में 5वीं बार हिली धरती
हिमाचल प्रदेश में भूकंप.

Earthquake in Himachal: मौसस विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि भूकंप के बारे में पहले से भविष्यवाणी करना संभव नहीं है, इसलिए इससे निपटने के लिए सभी को हमेशा से ही तैयार रहना चाहिए.

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शिमला. ऐसा काफी समय बाद हुआ है, जब हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh में एक ही दिन में तीन बार भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं. शुक्रवार को प्रदेश में तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए. वहीं, बुधवार से लेकर अब तक 5 आर भूकंप आ चुका है.

पांच में से चार बार भूकंप हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और जम्मू कश्मीर की सीमा पर आया है, जिसकी वजह से चंबा (Chamba) और लाहौल स्पीति के कुछ क्षेत्रों में महसूस किए गए. गनीमत रही है कि तीनों बार किसी भी नुकसान होने की कोई सूचना नहीं है. मौसम विभाग शिमला ने इस बात की पुष्टि की है.

शुक्रवार को तीन बार आया भूकंप
शुक्रवार को सबसे पहले सुबह 10 बजकर 48 मिनट पर कुल्लू जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.7 मापी गई. इसके बाद 2 बजकर 42 मिनट पर हिमाचल और जम्मू कश्मीर सीमा पर हल्के झटके महसूस किए गए. इस दौरान तीव्रता 3.1 रिक्टर स्केल पर मापी गई. हिमाचल में तीसरा झटका शाम को महसूस किया गया. इस दौरान तीव्रता पहले लगे दो झटकों से अधिक थी और केंद्र हिमाचल और जम्मू कश्मीर सीमा था. तीसरा झटका 4.1 रिक्टर स्केल के साथ 4 बजकर 37 मिनट पर लगा.



तीन दिन में पांच बार


बुधवार और गुरुवार को भी हिमाचल प्रदेश भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. 72 घंटे में पांचवी बार हिमाचल की धरती डोली है. मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह के अनुसार, इस क्षेत्र में भूकंप आना आम बात है. ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि प्रदेश में एक दिन में तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हों, इससे पहले, भी कई बार चार से लेकर पांच बार भूकंप आ चुका है, इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है.

कांगड़ा में अब तक सबसे बड़ा भूकंप
हिमाचल के कांगड़ा में साल 1905 में सदी का सबसे बड़ा भूकंप आया था. अनुमान है इस दौरान 20 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई थी और और एक लाख से अधिक घर ढह गए. वर्ष 1975 किन्नौर में भी बड़ा भूकम्प आया था.

अनुमान संभव नहीं- विभाग
मौसस विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि भूकंप के बारे में पहले से भविष्यवाणी करना संभव नहीं है, इसलिए इससे निपटने के लिए सभी को हमेशा से ही तैयार रहना चाहिए.

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First published: February 28, 2020, 6:01 PM IST
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