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कोटखाई दुष्कर्म-मर्डर: CBI जांच पड़ रही महंगी, अब तक रहने का खर्च 16.84 लाख रुपये

Ranbir Singh | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 27, 2019, 11:07 AM IST
कोटखाई दुष्कर्म-मर्डर: CBI जांच पड़ रही महंगी, अब तक रहने का खर्च 16.84 लाख रुपये
कोटखाई दुष्कर्म और मर्डर: शिमला का पीटरहॉफ होटल, जहां सीबीआई के लिए कमरे बुक हैं.

Shimla-Kotkhai Rape and Murder Case: सीबीआई टीम के शिमला में रहने का खर्च लाखों में है. जांच टीम शुरूआत से ही स्टेट गेस्ट हॉउस पीटरहॉफ में रह रही है. 25 जुलाई 2017 से पीटरहॉफ में कमरे बुक हैं

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के शिमला (Shimla) के बहुचर्चित कोटखाई दुष्कर्म और मर्डर (गुड़िया केस) में फोरेंसिक एक्सपर्ट के खुलासे के बाद सीबीआई (CBI) जांच पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. जांच से जुड़े जो अन्य पहलू हैं, उन पर सवाल उठना लाजिमी है. हिमाचल सरकार को सीबीआई जांच खासी मंहगी पड़ रही है.

अब भी बुक हैं कमरे
News-18 को मिली जानकारी के मुताबिक, सीबीआई टीम के शिमला में रहने का खर्च लाखों में है. जांच अधिकारियों के शिमला में रहने का खर्च 16 लाख 84 हजार 464 रुपये पहुंच गया है. जांच टीम शुरूआत से ही स्टेट गेस्ट हॉउस पीटरहॉफ में रह रही है. 25 जुलाई 2017 से पीटरहॉफ में कमरे बुक हैं और वर्तमान में भी कमरा नंबर 101, 102 और 103 बुक हैं. रहने का यह खर्च 25 नवबंर तक का है. जब यह मामला सामने आया था, उस वक्त सीबीआई जांच की मांग जनता ने ही की थी और अब जांच पर इतना खर्च होने के बाद भी जनता संतुष्ट नहीं है. पीटरहॉफ का संचालन पर्यटन निगम कर रहा है. निगम ने कई बार सरकार को इस संबंध में सरकार को रिमाइंडर भेजा है लेकिन पेमेंट नहीं हुई है.

टैक्सियों का किराया भी नहीं दिया

इतना ही नहीं, जांच के दौरान इस्तेमाल की गई टैक्सियों की बिल भी नहीं चुकाया है. सीबीआई के जांच अधिकारियों के लिए शिमला पुलिस ने किराए पर टैक्सियां ली थी. अब किराया नहीं मिलने पर टूअर एंड ट्रैवल का मालिक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है. सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज करवाई है.शिमला के एसपी ओमापति जम्वाल का कहना है कि इस संबंध में पुलिस मुख्यालय को फाइल भेजी गई है.

जुलाई 2017 से सीबीआई कोटखाई मामले की जांच कर रही है.
जुलाई 2017 से सीबीआई कोटखाई मामले की जांच कर रही है.


अब भी उठ रहे हैं सवाल
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मामले में अब तक हुए खुलासों से सीबीआई जाचं पर सवाल उठ रहे है. मामला कोर्ट में विचाराधीन है. इस सब के बीच जो मुख्य कार्य था गुड़िया प्रकरण से जुड़ी हर गुत्थी को सुलझाने का, वो भी पूरा नहीं हो पाया. मदद सेवा ट्रस्ट और अन्य समाजसेवियों से लेकर गुड़िया के परिजन भी लगातार सीबीआई जांच पर सवाल उठा रहे हैं. मदद सेवा ट्रस्ट की ओर से न्यायिक जांच की मांग की जा रही है.

सीबीआई ने एक आरोपी पकड़ा
मामले में सीबीआई की ओर से एक आरोपी पकड़ा गया है, जबकि फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने मामले में एक से अधिक लोगों की सलिंप्पता की बात कही है. वहीं, इसी मामले से जुड़े सूरज हत्याकांड में आरोपी तीन पुलिस अधिकारी आईजी जैदी, डीएसपी मनोज जोशी और शिमला के तत्कालीन एसपी नेगी को भी सरकार ने बहाल कर दिया है.

ये है मामला
4 जुलाई 2017 को कोटखाई की एक छात्रा स्कूल से लौटते वक्त लापता हो गई थी. इसके बाद 6 जुलाई को कोटखाई के जंगल में बिना कपड़ों के लाश मिली थी. छात्रा की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी. मामले में छह आरोपी पकड़े गए थे. इनमें राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, हलाइला गांव, सुभाष बिस्ट (42) गढ़वाल, सूरज सिंह (29) और लोकजन उर्फ छोटू (19) नेपाल और दीपक (38) पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार शामिल थे. इनमें से सूरज की कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 की रात को हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि राजू की सूरज से बहस हुई और उसके बाद राजू ने उसकी हत्या कर दी. सीबीआई ने इन दोनों मामलों में केस दर्ज किया है.

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First published: November 27, 2019, 10:41 AM IST
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