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पत्तल-डोना को प्रमोट करेगी हिमाचल सरकार, मिलेगी एक लाख की मशीन

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: October 7, 2019, 5:00 PM IST
पत्तल-डोना को प्रमोट करेगी हिमाचल सरकार, मिलेगी एक लाख की मशीन
हिमाचल में शादियों में इन पत्तलों का उपयोग होता है.

हिमाचल में पत्तल-डोना मेकिंग में सबसे बेहतर काम सिरमौर जिला में हो रहा है. ग्रीन टेक्नोलॉजी के तहत पत्तल-डोना बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाले टौर के पेड़ को बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा.

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शिमला. हिमाचल (Himachal Pradesh) में सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) से बने उत्पादों को सरकार ने बेशक प्रतिबंधित कर दिया है, जिसमें प्लास्टिक की कप, प्लेटों सहित सभी तरह के सिंगल यूज उत्पाद (Single Use Plastic) अब हिमाचल में नहीं बिकेंगें. हालांकि इनके विकल्प के तौर पर सरकार ने देशी पत्तल (Plates) और डोना को प्रमोट करने का फैसला किया है.

शादियों में यूज होते हैं पत्तल
हिमाचल में शादी सहित दूसरे आयोजनों की शान पत्तल-डोना अब फिर से अपनी जगह बनाने जा रही है. दरअसल, सरकार ने प्लास्टिक और थर्मोकोल से बने कप, प्लेटों पर प्रतिबंध लगाया है. अब इनके विकल्प के रूप में सरकार ग्रीन टेक्नोलॉजी अपनाने जा रही है. ग्रीन टेक्नोलॉजी की पॉलिसी तैयार हो चुकी है, जिसे जल्दी ही हिमाचल में लागू किया जा रहा है. इसमें सरकार पहाड़ी पत्तल और डोना को प्रमोट करेगी और प्लास्टिक प्लेटों की जगह पत्तल लेगी. जो हिमाचल (Himachal) में एक खास तरह के पेड़ टौर के पत्तों से बनती है. यह जहां पर्यावरण मित्र है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का जरिया भी बन रही है.

स्वयं सहायता समूह को मिलेगी मशीन

सरकार ने प्रत्येक स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups) के एक-एक लाख रुपये की पत्तल-डोना मेकिंग मशीन मुफ्त में देने का फैसला किया है. प्रधान वैज्ञानिक पर्यावरण, विज्ञान एवं तकनीक डा सुरेश अत्री ने इसकी पुष्टि की है. दरअसल पत्तल-डोना मेकिंग मशीन के लिए बजट सरकार को सीईआर यानी कारपोरेट एनवायरमेंट रिस्पोंसिबिलिटी के तहत मिलेगा. इस सरकार की ओर से निर्देश हैं कि जो भी उद्योग प्रदेश में लगेंगे उनसे पर्यावरण स्वीकृति के दौरान सीईआर के लिए कुछ धनराशि मांगी जाएगी, जो आगे स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने के काम आएगी.

हिमाचल में पत्तल-डोना मेकिंग में सबसे बेहतर काम सिरमौर जिला में हो रहा है.
हिमाचल में पत्तल-डोना मेकिंग में सबसे बेहतर काम सिरमौर जिला में हो रहा है.


सिरमौर में सबसे बेहतर काम
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हिमाचल में पत्तल-डोना मेकिंग में सबसे बेहतर काम सिरमौर जिला में हो रहा है. ग्रीन टेक्नोलॉजी के तहत पत्तल-डोना बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाले टौर के पेड़ को बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा. पत्तल और डोना टौर के पत्तों से बनता है जो काफी चौड़े होते हैं. एक समय वो भी था, जब हिमाचल में शादी-ब्याह या दूसरे धार्मिक आयोजनों में परोसी जाने वाली धाम केवल पत्तलों में ही दी जाती थी. लेकिन धीरे-धीरे इसका प्रचलन भी कम होने लगा था. अब फिर से इसे जिंदा करने की कवायद शुरू हो गई है.

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First published: October 7, 2019, 4:36 PM IST
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