अटल टनल देखने के बाद लाहौल पहुंच रहे टूरिस्ट फैला रहे गंदगी, लगे कूड़े के ढेर

लाहौल स्पीति में जगह जगह ऐसे ही कूड़े के ढेर लग रहे हैं.
लाहौल स्पीति में जगह जगह ऐसे ही कूड़े के ढेर लग रहे हैं.

Garbage in Lahaul Spiti: दरअसल, जो भी लोग टनल होते हुए लाहौल में घूमने के लिए पहुंच रहे हैं, वो वहां पर गंदगी (Garbage) फैला रहे हैं. इस बात की जानकारी कैबिनेट मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने दी.

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शिमला. अटल टनल रोहतांग (Atal Tunnel Rohtang) को पीएम मोदी ने देश को समर्पित किया है. टनल के द्वार अब लाहौल की वादियों का दीदार करने वालों के लिए खुल तो गए हैं लेकिन उसने लाहौल (Lahaul) के लोगों की चिंता बढ़ा दी है. दरअसल, जो भी लोग टनल होते हुए लाहौल में घूमने के लिए पहुंच रहे हैं, वो वहां पर गंदगी (Garbage) फैला रहे हैं. इस बात की जानकारी कैबिनेट मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने दी.

एक हजार गाड़ियां पहुंच रही

मंत्री ने साथ ही नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि लाहौल में होटल नहीं हैं. ऐसे में जो लोग बाहर से खाना या दूसरी वस्तुएं लेकर आ रहे हैं, वापसी में उसे वहीं पर फेंक रहे हैं. हालात यह है कि लाहौल में अभी से ही कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं. हर रोज 1 से तीन हजार गाड़ियां टनल से लाहौल घाटी में प्रवेश कर रही हैं. यहां धार्मिक स्थलों में भी लंबी-लंबी भीड़ देखने को मिल रही है, जिसमें प्रमुख जगह त्रिलोकीनाथ मंदिर है. लाहौल-स्पीति के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डा रामलाल मारकंडा के मुताबिक हम चाहते थे कि लोगों को कोआपरेट करें, लेकिन जैसे हालात बन रहे हैं, उसके चलते वहां पर पुलिस तैनात करनी पड़ी है.



त्रिलोकीनाथ मंदिर के बाहर लगी भीड़.

विंटर टूरिज्म को लेकर बनाया प्लान

बेशक पर्यटक अब टनल के साथ-साथ लाहौल-स्पीति की वादियों का दीदार भी करना चाहेंगे. इसके चलते अब लाहौल स्पीति में इस बार विंटर टूरिज्म की संभावनाओं पर काम चल रहा है. तकनीकी शिक्षा मंत्री डा रामलाल मारकंडा ने कहा कि अभी 25 से 30 बच्चों की ट्रेनिंग करवाई जाएगी. सरकार स्नो स्कूटर के साथ-साथ स्की के जरिए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा. सर्दियों में स्नो फेस्टिवल के अलावा नॉर्थ पोर्टल पर स्कीइंग की जा सकती है. लाहौल स्पीति में स्कीइंग के लिए कई नेचुरल स्की स्लोप्स मौजूद हैं.



स्पीति में बनेगा बुद्धिस्ट स्टडी सेंटर 

लाहौल स्पीति के पोह गांव में बुद्धिस्ट स्डी सेंटर निर्माण शुरू होने की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है. केंद्र सरकार से सैंद्धातिक मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने 106 बीघा भूमि का चयन किया है. करीब 100 करोड़ रूपये से ज्यादा की लागत से बौद्ध अध्ययन केंद्र बनेगा. तकनीकी शिक्षा एवं जनजातीय विकास मंत्री डा रामलाल मारकंडा ने इसकी पुष्टि की है. सीएम जयराम ठाकुर इस केंद्र का शिलान्यास करेंगे और इस मौके पर बौद्ध धर्मगुरू दलाईलामा को भी आमंत्रित किया जाएगा. इस स्टडी सेंटर के बनने से दुनियाभर के बौद्ध धर्म के अनुयायियों को यहां पर अध्ययन कर मौका मिलेगा. लाहौल स्पीति की कुल 32 हजार आबादी में से 25 हजार बौद्ध धर्म को मानने वाले हैं.
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