परिवहन मंत्री ने बताया, इन वजहों से हुआ था कुल्लू का बंजार बस हादसा

हिमाचल प्रदेश काफी सालों से हादसों का प्रदेश बनता जा रहा है. हर साल कोई न कोई बड़ा हादसा होता है. ऐसे में जांच रिपोर्ट भी आती है, लेकिन फिर वही ढाक के तीन पात. बहरहाल, अब देखने वाली बात यह होगी कि ताजा हादसों की रिपोर्ट के बाद सरकार सबक लेती भी है या नहीं.

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 30, 2019, 5:06 PM IST
परिवहन मंत्री ने बताया, इन वजहों से हुआ था कुल्लू का बंजार बस हादसा
कुल्लू में 20 जून को यह हादसा हुआ था.
Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 30, 2019, 5:06 PM IST
हिमाचल के कुल्लू के बंजार बस हादसे की सरकार को रिपोर्ट मिल गई है, जबकि शिमला के झंझीड़ी हादसे की रिपोर्ट आना बाकी है. हादसे की प्रमुख वजह मानवीय भूल रही है.

रिपोर्ट आने के बाद अब सरकार ने कड़े एक्शन का फैसला लिया है. कुल्लू जिला के बंजार में हुए बस हादसे ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। 20 जून हो हुए इस हादसे में 46 लोग मारे गए हैं. ओवरलोड़ बस में करीब 87 सवारियां थीं. हादसे के बाद सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच करवाई तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.

गोबिंद सिंह ने गिनाए हादसे के कारण
परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने रिपोर्ट की जानकारी देते हुए बताया कि यह बस एक ही दिन में दो बार खराब हुई है. जिस जगह हादसा हुआ वहां बस का गियर भी नहीं लग पाया. इसके अलावा बस को डेढ़ और ढ़ाई बजे का रूट भी दिया गया था, लेकिन कुछ दिनों से बस नहीं चल रही थी. जिस कारण सवारियों का बोझ एक ही बस पर पड़ गया. हादसा करीब पौने पांच बजे हुआ है. यही वजह रही कि बस ओवरलोड़ हुई. इस स्थान पर हादसा हुआ उस स्थान पर पैरापिट में भी काफी ज्यादा गैप था. हादसे के लिए सरकार ने बस आप्रेटर के साथ-साथ तीन विभागों के अधिकारियों को भी जिम्मेदार ठहराया है जिसमें परिवहन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग शामिल हैं. इन विभागों से सरकार ने स्पष्टीकरण भी मांगा है.

रूट लेते हैं, बसे चलाते नहीं
बंजार बस हादसे से एक बात साफ हो गई है कि कई बस ऑपरेटर्स बस रूटस तो ले लेते हैं लेकिन उन पर बसें नहीं चलाते हैं. फायदे के रूट पर बसें चलाई जाती हैं, जबकि घाटे के रूट पर बसें नहीं चलाई जाती है. परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि विभाग सभी बस रूटों की चेकिंग करेगा. जिन रूटों पर बसें नहीं चलाई जा रही होंगी उन्हें रद्द किया जाएगा.

हादसों की जांच के तरीके में भी बदलाव
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सरकार ने बस हादसों की जांच के तरीके में भी बदलाव का फैसला किया है. वर्तमान में मजिस्ट्रीयल जांच की परंपरा है, लेकिन मजिस्ट्रियल जांच के समय विभाग के पास विशेषज्ञों की कमी रहती है, इसलिए इस बार बंजार और झंझीड़ी बस हादसे में सीआईआरटी को भी शामिल किया गया है. परिहवन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि इससे जांच और बेहतर होगी.हिमाचल प्रदेश काफी सालों से हादसों का प्रदेश बनता जा रहा है. हर साल कोई न कोई बड़ा हादसा होता है. ऐसे में जांच रिपोर्ट भी आती है, लेकिन फिर वही ढाक के तीन पात. बहरहाल, अब देखने वाली बात यह होगी कि ताजा हादसों की रिपोर्ट के बाद सरकार सबक लेती भी है या नहीं.

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First published: July 30, 2019, 4:50 PM IST
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