स्क्रब टायफस से 2 मौत और 207 मामलों के बाद टूटी नींद, एडवायजरी जारी

शिमला में मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि सभी अस्पतालों में जरूरी इंतजाम करने के आदेश दिए हैं.

News18 Himachal Pradesh
Updated: July 30, 2019, 3:18 PM IST
स्क्रब टायफस से 2 मौत और 207 मामलों के बाद टूटी नींद, एडवायजरी जारी
हिमाचल में स्क्रब टायफस अब तेजी से फैल रहा है.
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Updated: July 30, 2019, 3:18 PM IST
हिमाचल प्रदेश में स्क्रब टायफस से दो महिलाओं की मौत और 207 पॉजीटिव मामले सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य की नींद टूटी है. स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में अब एडवायरजारी जारी की है. शिमला में मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि सभी अस्पतालों में जरूरी इंतजाम करने के आदेश दिए हैं.

रोग के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में स्क्रब टायफस रोगियों का मुफ्त उपचार करने के निर्देश जारी किए हैं. आईजीएमसी शिमला, डॉ. टांडा मेडिकल क़़ालेज के बाद अब मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी स्क्रब टायफस के टेस्ट की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है. स्क्रब टायफस के कारण प्रदेश में तीन साल में 90 लोगों की मौत हुई है.

ये बोले डॉक्टर
डॉ जनक राज, एमएस, आईजीएमसी का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है. अस्पताल में स्क्रब टायफस से निपटने के लिए 4 हजार अतिरिक्त किट भी रखी गई हैं. साथ ही स्क्रब टायफस का टैस्ट और दवाइयां भी निशुल्क दी जा रही हैं.

ऐसे फैलता है यह रोग
स्क्रब टायफस के अधिकतर मामले पहाड़ी इलाकों, जंगल वाले क्षेत्रों और खेतों में काम करने वाले लोगों के ही आते हैं. ये एक पिस्सु होता है. इसके काटने के बाद व्यक्ति को बुखार हो जाता है. यह घास में रहने वाले कीड़ों में पलने वाले पिस्सू की वजह से फैलता है. यह बुखार जानलेवा है. अभी तक इस बीमारी का कोई कारगर इलाज नहीं खोजा गया है. क्योंकि जगारूकता कम होने के कारण मरीजों को आखिरी स्टेज पर अस्पताल में भर्ती करवाया जाता है, जिस वजह से कई बार मरीजों को बचा पाना मुश्किल हो जाता है, लेकिन सही समय पर अगर मरीज को अस्पताल में भर्ती करवाया जाए तो इसका इलाज संभव है.

ये लक्षण
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स्क्रब टायफस में सिरदर्द, सर्दी लगना, बुखार, शरीर में दर्द तथा तीसरे से पाँचवें दिन के बीच शरीर पर लाल दाने निकलना जैसे लक्षण होते हैं. रोग में सभी या कुछ लक्षण सामने आ सकते हैं. रोग की अवधि दो से तीन सप्ताह की होती है. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाकर इलाज करवाना चाहिए.

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First published: July 30, 2019, 2:49 PM IST
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