हिमाचल में स्क्रब टायफस से 2 महिलाओं की मौत, 189 मामले पॉजिटिव

स्क्रब टायफस के अधिकतर मामले पहाड़ी इलाकों, जंगल वाले क्षेत्रों और खेतों में काम करने वाले लोगों के ही आते हैं. ये एक पिस्सु होता है. इसके काटने के बाद व्यक्ति को बुखार हो जाता है. यह घास में रहने वाले कीड़ों में पलने वाले पिस्सू की वजह से फैलता है.

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 26, 2019, 4:22 PM IST
हिमाचल में स्क्रब टायफस से 2 महिलाओं की मौत, 189 मामले पॉजिटिव
हिमाचल में स्क्रब टायफस से दो मौतें हुई हैं.
Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 26, 2019, 4:22 PM IST
हिमाचल में मॉनसून में डेंगू के साथ-साथ अब स्क्रब टायफस ने अपने पैर परसारने शुरू कर दिए हैं. यही नहीं, हिमाचल में दो महिलाओं की जान भी जा चुकी है. वहीं स्वास्थ्य विभाग ने स्क्रब टायफस को लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया है.

स्क्रब टायफस को लेकर शिमला में हड़कम्प मच गया है क्योंकि आईजीएमसी में स्क्रब टायफस से दो महिलोंओं की मौत हो चुकी है. वहीं, शिमला के आईजीएमसी में 9 मामले पॉजिटिव आए है, जिन दो महिलाओं की मौत हो चुकी है. मृतक महिलाएं शिमला और मंडी से थी. दोनों की आयु 30 और 32 साल बताई गई है.

तीन दिन बाद मौत
दोनों महिलाओं को इलाज के लिए शिमला के आईजीएमसी में लाया गया था. शिमला की कोटखाई की महिला को सात जुलाई और मंडी के लडभरोल इलाके की महिला को पंद्रह जुलाई को यहां भर्ती किया गया था. भर्ती करने के तीन दिन बाद ही दोनों महिलाओं की मौत हो गई. इसका सबसे बड़ा कारण रहा कि दोनों ही महिलाओं को अस्पताल में उस वक्त भर्ती किया गया, जब बीमारी के कारण हालात लास्ट स्टेज पर पहुंच गए थे. हार्ट फैल्योर के चलते दोनों की मौत हो गई.

एडवायरजी जारी की: स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग ने स्क्रब टायफस को लेकर एडवाज़री जारी कर दी है. स्वास्थ्य विभाग ने 25 जुलाई तक की रिपार्ट अपनी साइट पर अपलोड की है, जिसके अनुसार प्रदेश मे अभी तक स्क्रब टायफस के 189 पॉजिटव मामले सामने आ चुके हैं. 2322 लोगों का सैंपल लिया गया है. प्रदेश में सबसे ज्यादा 79 मामले जिला बिलासपुर से सामने आए हैं. इसके अलावा कांगड़ा से 43, हमीरपुर से 38, मंडी से 13, शिमला से 7, चंबा से 6, सोलन से 2, कुल्लू से 1, सिमौर से 1 और किन्नौर जिले से भी 1 मामला पॉजिटिव सामने आया है. आईजीएमसी में अभी तक 438 लोगों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 9 को स्क्रब टायफस है.

ये बोले डॉक्टर
Loading...

डॉ जनक राज, एमएस, आईजीएमसी का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है. अस्पताल में स्क्रब टायफस से निपटने के लिए 4 हजार अतिरिक्त किट भी रखी गई हैं. साथ ही स्क्रब टायफस का टैस्ट और दवाइयां भी निशुल्क दी जा रही हैं.

ऐसे फैलता है यह रोग
स्क्रब टायफस के अधिकतर मामले पहाड़ी इलाकों, जंगल वाले क्षेत्रों और खेतों में काम करने वाले लोगों के ही आते हैं. ये एक पिस्सु होता है. इसके काटने के बाद व्यक्ति को बुखार हो जाता है. यह घास में रहने वाले कीड़ों में पलने वाले पिस्सू की वजह से फैलता है. यह बुखार जानलेवा है. अभी तक इस बीमारी का कोई कारगर इलाज नहीं खोजा गया है. क्योंकि जगारूकता कम होने के कारण मरीजों को आखिरी स्टेज पर अस्पताल में भर्ती करवाया जाता है, जिस वजह से कई बार मरीजों को बचा पाना मुश्किल हो जाता है, लेकिन सही समय पर अगर मरीज को अस्पताल में भर्ती करवाया जाए तो इसका इलाज संभव है.

ये लक्षण
स्क्रब टायफस में सिरदर्द, सर्दी लगना, बुखार, शरीर में दर्द तथा तीसरे से पाँचवें दिन के बीच शरीर पर लाल दाने निकलना जैसे लक्षण होते हैं. रोग में सभी या कुछ लक्षण सामने आ सकते हैं. रोग की अवधि दो से तीन सप्ताह की होती है. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जा कर इलाज करवाना चाहिए.

ये भी पढ़ें: हिमाचल में डेंगू की दस्तक! 2 लोगों को डेंगू होने की आशंका

एस्टिमेट 24 लाख, खर्चे 37, 6 साल में नहीं बने स्कूल के 2 हाल

HRTC बस में सवार दो महिलाएं 9.875 किलो चरस के साथ गिरफ्तार

नशे के खात्मे के लिए ‘हकोका’ कानून बनाएगी हिमाचल सरकार

इस बार नहीं होगी किन्नर कैलाश यात्रा, प्रशासन ने लगाई रोक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए शिमला से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 26, 2019, 4:05 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...