Union Budget 2021: हिमाचल के राजस्व घाटा अनुदान में 5 साल में भारी कटौती करेगी मोदी सरकार

केंद्रीय बजट से हिमाचल को निराशा.

केंद्रीय बजट से हिमाचल को निराशा.

Union Budget for Himachal: केंद्र से हिमाचल प्रदेश को अगले चार साल में कुल 81,977 करोड़ रुपये का दिए जाएंगे. इसमें 46,913 करोड़ रुपये कुल सहायता अनुदान है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के लिए इस बार केंद्रीय बजट (Union Budget) में कोई सौगात नहीं दी गई है. यहां तक कि केंद्र सरकार ने राजस्व घाटा अनुदान में कैंची चला दी है. अगले पांच वर्षों के लिए राजस्व अनुदान (Subcidy) में भारी कटौती की जाएगी. यह बात 15वें वित्तायोग की रिपोर्ट से सामने आई है. वित्तीय वर्ष 2021-22 में चालू वित्त वर्ष से भी कम ग्रांट मिलेगी, जबकि इससे अगले वित्तीय वर्षों में इससे भी भारी कटौती होती.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह रिपोर्ट संसद (Parliament) के पटल पर रखी है. 15वें वित्तायोग ने वर्ष 2021 से लेकर 2026 के बीच 37199 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान तय किया है. वर्ष 2021-22 में 10249 करोड़ रुपये अनुदान मिलेगा, जबकि चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में यह 11431 करोड़ रुपये मिला था. वित्तीय वर्ष 2022-23 में 9,377 करोड़ ग्रांट मिलेगी.

वहीं, साल 2023-24 में 8058 करोड़, 2024-25 में 6258 करोड़ और 2025-26 में 3257 करोड़ रुपये हिमाचल को केंद्र की ओर से दिए जाएंगे. हालांकि, मंडी में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए 15वें वित्तायोग ने ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाने की सिफारिश की है इसकी लागत करीब 1000 करोड़ रुपये लगाई गई है। बजट में प्रदेश को यह राशि के मिलने की उम्मीद है.

हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आगामी वर्षों में प्रदेश के राजस्व घाटा अनुदान में कटौती होगी. हालांकि, हिमाचल प्रदेश देश में पश्चिम बंगाल और केरल के बाद सबसे ज्यादा राजस्व घाटा अनुदान मिलेगा. वर्ष 2021 से 2026 के बीच सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल को 40,113, फिर केरल को 37,814 और हिमाचल प्रदेश को 37,199 रुपये का राजस्व घाटा अनुदान दिया जाएगा.

हिमाचल को मिलेंगी 81,977 करोड़ रुपये

केंद्र से हिमाचल प्रदेश को अगले चार साल में कुल 81,977 करोड़ रुपये का दिए जाएंगे. इसमें 46,913 करोड़ रुपये कुल सहायता अनुदान है. केंद्रीय करों और शुल्कों में हिस्सेदारी 35,064 करोड़, अंतरण के बाद राजस्व घाटा अनुदान 37,199 करोड़, स्थानीय निकाय अनुदान 3,049 करोड़, आपदा प्रबंधन 2,258 करोड़, पीएमजीएसवाई सड़कों को 2,222 करोड़ और विशेष राज्य मदद 1420 करोड़ रुपये की मिलेगी.

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