पड़ोसी राज्यों में बाढ़ जैसे हालात से हिमाचल में बढ़े सब्जियों के दाम

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून अभी तक कमजोर है. यदि बारिश कम हुई तो जाहिर सी बात है कि पैदावार पर भी इसका असर पड़ेगा और अगर पैदावार कम हुई तो फिर दामों में बढ़ोतरी होना स्वभाविक है

News18 Himachal Pradesh
Updated: July 25, 2019, 10:16 AM IST
पड़ोसी राज्यों में बाढ़ जैसे हालात से हिमाचल में बढ़े सब्जियों के दाम
हिमाचल में सब्जियों के दामों में खासा उछाल आया है.
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Updated: July 25, 2019, 10:16 AM IST
हिमाचल प्रदेश के पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में बाढ़ जैसे हालात के चलते सब्जी उत्पादकों की फसल को नुकसान हुआ है. इस खासा असर हिमाचल पर हुआ है. राजधानी शिमला शिमला हो या फिर सोलन हर जगह सब्जियों की कीमतों में खासा उछाल आया है.

टमाटर ज्यादा ‘लाल’ है. सब्जी मंडी शिमला में फुलगोभी 80 रुपये प्रतिकिलो जबकि टमाटर, भिंडी, करेला और अन्य सब्जियां 40 से 60 रुपये के बीच बिक रही हैं. गृहणियां सब्जियां खरीदने में गुरेज कर रही हैं. सब्जी मंडी शिमला में सब्जियां खरीदने आए उपभोक्ताओं ने कहा कि लगातार सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई के बजट पर असर पड़ रहा है और रसोई चलाना मुश्किल हो रहा है.

इस वजह से बढ़े दाम
शिमला की सब्जी मंडी के विक्रेताओं का मानना है कि बरसात के चलते दामों में उछाल आ रहा है, लोकल सब्जियों से लोगों की मांग पूरी कर पाना संभव नहीं है. ऐसे में पड़ोसी राज्यों से आमद कम होने सब्जियां महंगी हुई हैं और फिलहाल लगता नहीं है कि दाम कम होंगे.

hike in vegetable rates in himachal
मंडी में सब्जी खरीदता ग्राहक.


सोलन में सबसे अधिक टमाटर
सोलन हिमाचल का सबसे बड़ा टमाटर उत्पादक जिला है. यहाँ समूचे हिमाचल का सत्तर प्रतिशत टमाटर का उत्पादन यहीं होता है. यहाँ टमाटर का रेट डबल हो चुका है. बारिश की वजह से महाराष्ट्र में फसल खराब हुई है. मांग के अनुसार पूर्ति नहीं हो रही है, इसलिए दाम बढ़ चुके हैं. सोलन के दुकानदार और आढ़ितियों का कहना है कि अभी सब्जियों के दाम और बढ़ने की सम्भावना है, क्योंकि इस बार सब्जियों की पैदावार कम है और मांग ज्यादा है. जानकारी के अनुसार, सोलन में  टमाटर 50 रुपये तक बिक रहा है. इसके अलावा गोभी और आलू 25 रुपये, प्याज   25 रुपये, भिंडी 40 रुपये, बीन्स 40 रुपये और शिमला मिर्च 60 रुपये प्रति किलो बिक रही है.
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Hikes in vegetables rates in himachal.
दुकानदारों का कहना है कि दामों में उछाल आया है.


सीएम सिटी मंडी का हाल
सूबे के मंडी शहर में टमाटर और मटर आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है. हिमाचल की सब्जियों की बाहरी राज्यों में काफी ज्यादा डिमांड होती है और बाहर उनके अच्छे दाम भी मिल रहे हैं. यही कारण है कि यहां के किसान पड़ोसी राज्यों को अधिक सप्लाई भेज रहे हैं. मंडी में भी टमाटर कुछ ज्यादा ही लाल हो गया है. हरे मटर की हरियाली को लोग तरसने लग गए हैं. टमाटर 40 से 50 रुपये प्रतिकिलो और हरा मटर 80 से 100 रुपये प्रतिकिलो की दर से बिक रहा है. सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि अभी सब्जियों के दामों में उतना असर नहीं पड़ा है, लेकिन आने वाले समय में यह दाम बरसात पर ही निर्भर करेंगे.

हिमाचल में मॉनसून कमजोर
प्रदेश में मॉनसून अभी तक कमजोर है. यदि बारिश कम हुई तो जाहिर सी बात है कि पैदावार पर भी इसका असर पड़ेगा और अगर पैदावार कम हुई तो फिर दामों में बढ़ोतरी होना स्वभाविक है. मंडी के बल्ह इलाके में सब्जियां बड़ी तादाद में उगाई जाती हैं. सामान्य से करीब 40 फीसदी कम बारिश अब तक हुई है.

(शिमला से जीएस तोमर, मंडी से वीरेंद्र भारद्वाज और सोलन से कीर्ति कौशल की रिपोर्ट)

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First published: July 25, 2019, 10:07 AM IST
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