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पिता वीरभद्र सिंह को मुखाग्नि देने से पहले विक्रमादित्य संभालेंगे राजगद्दी

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन से रामपुर में शोक की लहर है और हिमाचल में 3 दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया गया है.

Himachal News: पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन से की खबर आते ही रामपुर क्षेत्र शोक में डूब गया राज महल में सन्नाटा पसर गया. उनके सम्मान में तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की गई. रामपुर बाजार भी 3 दिन बंद रहेंगे.

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    शिमला. पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन से रामपुर में शोक की लहर है और हिमाचल में 3 दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया गया है. मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन से की खबर आते ही रामपुर क्षेत्र शोक में डूब गया राज महल में सन्नाटा पसर गया. मुख्य पूर्व मुख्यमंत्री के सम्मान में तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की गई. रामपुर बाजार भी 3 दिन बंद रहेंगे. पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के अंतिम दर्शन करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए राहुल गांधी कल शिमला आएंगे. राहुल दोपहर 12:30 बजे पार्टी कार्यालय पहुंचेंगे.

    ताजा जानकारी के अनुसार राजा साहेब का पार्थिव शरीर कल शुक्रवार देर शाम तक रामपुर पहुंचने की संभावना है. राजमहल परिसर में शामियाना आदि लगाकर लोगों के बैठने या खड़े रहने की व्यवस्था की जा रही है. ज्ञात हुआ है कि वीरभद्र सिंह के अंतिम संस्कार से पूर्व राज्य परंपरा के अनुसार उनके पुत्र टीका विक्रमादित्य सिंह का राज्याभिषेक किया जाना है. इसके बारे राज परिवार के कुल पुरोहितों से चर्चा की जा रही है. इसके बाद ही राजा साहब के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी जाएगी. बता दें कि कि इससे पूर्व भी जब राजा पदम सिंह जी का निधन हुआ था. उस वक्त भी ऐसी परंपरा का वहन किया गया था वीरभद्र सिंह का उस वक्त उम्र 13 वर्ष थी और राज्याभिषेक के बाद ही उनके पिता का अंतिम संस्कार किया गया था.

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, वीरभद्र सिंह जी का अंतिम संस्कार रामपुर करने की तैयारियां चल रही है. वीरभद्र सिंह बुशहर रियासत के राजा थे साहनी जनता उन्हें पिता तुल्य मानती है. अनुमान लगाया जा रहा है कि उनके अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोगों के आने की संभावना है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएसपी चंद्रशेखर कायत ने जिला परिषद अध्यक्षा चंद्रप्रभा नेगी से इस बारे मंत्रणा की.

    पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के जन्म स्थान शांतिकुंज में मातम
    श्रद्धांजलि देने वालों का लगाता था पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन का समाचार आते ही उनके जन्म स्थान शांतिकुंज सराहन में मातम छा गया शांति कुंज के प्रांगण में राजा साहेब का चित्र रखा गया. जिस पर पुष्पांजलि अर्पित करने आने वालों का तांता लगा रहा सराहन की शोकाकुल जनता ने राजा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की कई लोगों ने आहार भी ग्रहण नहीं किया.

    वीरभद्र सिंह ने 13 साल की आयु में संभाली राजगद्दी
    मात्र 13 वर्ष की आयु में बुशहर रियासत की राजगद्दी संभालने वाले पहले राजा वीरभद्र सिंह थे. बुशहर रियासत के राजा पदमदेव सिंह के निधन के बाद वर्ष 1947 में वीरभद्र सिंह ने राजगद्दी संभाली थी.आजाद भारत में जहां राजशाही प्रथा समाप्त हो गई थी, बावजूद इसके राजा वीरभद्र सिंह का परंपराओं के तहत राजतिलक किया गया था.वीरभद्र सिंह का विवाह दो बार हुआ। 20 साल की उम्र में जुब्बल की राजकुमारी रतन कुमारी से उनकी पहली शादी हुई. लेकिन कुछ वर्षों बाद ही रतन कुमारी का देहांत हो गया. इसके बाद 1985 में उन्होंने प्रतिभा सिंह से शादी की. प्रतिभा सिंह भी मंडी से सांसद रह चुकी हैं. वीरभद्र और प्रतिभा के पुत्र विक्रमादित्य सिंह भी वर्तमान में शिमला ग्रामीण से विधायक हैं.

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