क्रिसमस पर Christ Church में फिर गूंजेगी Warning Bell की आवाज
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क्रिसमस पर Christ Church में फिर गूंजेगी Warning Bell की आवाज
Warning bell का बजना स्थानीय लोग और पर्यटकों के लिए यादगार पल होगा.

ऐतिहासिक रिज़ मैदान पर स्थित क्राइस्ट चर्च (Christ Church) में लगी ऐतिहासिक बेल (Historic Bell) की आवाज अब राजधानी शिमला (Shimla) में गूंजेगी. 40 सालों के बाद लोगों को ये खास आवाज ऐतिहासिक क्राइस्ट चर्च से आती हुई सुनाई देगी. इस क्रिसमस (Christmas) को इस वार्निंग बेल (Warning Bell) को प्रार्थना (Prayer) से ठीक पहले बजाया जाएगा.

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शिमला. राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज़ मैदान पर स्थित क्राइस्ट चर्च (Christ Church) में लगी ऐतिहासिक बेल (Historic Bell) की आवाज अब राजधानी शिमला (Shimla) में गूंजेगी. 40 सालों के बाद लोगों को ये खास आवाज ऐतिहासिक क्राइस्ट चर्च से आती हुई सुनाई देगी. इस क्रिसमस (Christmas) को इस वार्निंग बेल (Warning Bell) को प्रार्थना (Prayer) से ठीक पहले बजाया जाएगा. अलग-अलग सुर चर्च के अंदर लगी वार्निंग बेल से निकलेंगे जो हर सुनने वाले को मंत्रमुग्ध कर देंगे. ब्रिटिश काल में जब यहां चर्च का निर्माण किया गया तब 150 साल पुरानी वार्निंग बेल को इंग्लैंड से लाया गया था.

1982 से बंद पड़ी थी वार्निंग बेल

1982 तक लगातार इसकी आवाज से ऐतिहासिक चर्च और राजधानी शिमला गूंजती थी, लेकिन उसके बाद इस बेल में आई तकनीकी खामियों के चलते ये खराब पड़ी थी. कहा जाता है कि जब ये बेल बजती थी तो तारा देवी तक इसकी आवाज साफ सुनाई देती थी, लेकिन काफी संख्या में भवन निर्माण के कारण धीरे धीरे इसकी आवाज़ का दायरा कम होता गया.



150 साल पुरानी है वार्निंग बेल
बीते 40 वर्षों में न इसे ठीक किया गया और न ही इसे ठीक करने को लेकर कोई प्रयास किए गए. अब इस 150 साल पुरानी वार्निंग बेल को शिमला के ही निवासी मिस्टर विक्टर डीन ठीक कर रहे हैं. इस बेल के पूरे सिस्टम को स्टडी करने के बाद ही इसे ठीक करने का काम शुरू किया गया है. अपना पूरा समय मिस्टर विक्टर ने इस काम के लिए दिए. इस बेल के जो पार्ट्स गुम हो गए थे उन्हें नए सिरे से बनाने के साथ ही जो पुराने पार्ट्स खराब हो गए थे उन्हें दोबारा से ठीक किया गया है. इसे पेंट कर इसमें नया हैमर, वायर और रस्सा लगाया गया है. एक या दो दिन में यह बेल पूरी तरह से ठीक हो जाएगी और चर्च में बजाई जाएगी.

प्रार्थना से 5 मीनट पहले बजेगी 6 सुरों वाली बेल


बेल के कुछ पार्ट्स चंडीगढ़ से लाए गए

इस बेल के कुछ पार्ट्स चंडीगढ़ से लाए गए हैं तो कुछ शिमला में ही तैयार किए गए हैं. शिमला के ओल्ड बस स्टैंड के पास एक सरदार जी ने इस बेल के पार्ट्स देख कर लोहे को हूबहू ढांचे में ढाल कर इस बेल के पार्ट्स तैयार किए हैं. इस बेल का लकड़ी का सांचा भी नया तैयार किया गया है.

25 दिसंबर को प्रार्थना सभा से पहले बजाया जाएगा

150 साल पुरानी Warning Bell को ठीक करने के बाद 25 दिसंबर को चर्च में होने वाली प्रार्थना सभा से 5 मिनट पहले बजाया जाएगा. बेल के बजाए जाने से लोगों को इस बात की जानकारी होगी कि चर्च में प्रार्थना सभा शुरू होने वाली है. अब क्रिसमस के बाद हर रविवार को चर्च में होने वाली प्रार्थना सभा से पहले इस बेल को बजाया जाएगा. इसमें लगे रस्से को हाथों से खींचकर बेल को बजाया जाता है. इसमें छह पाइप लगे हैं जिनसे छह सुर निकलते हैं और सरगम के सुरों की ध्वनि पैदा करते हैं. इस बेल को पहले क्रिसमस की शुरुआत पर रात 12 बजे , न्यू ईयर की शुरुआत पर रात 12 बजे बजाने के साथ ही प्रार्थना सभा के शुरू होने से पहले बजाया जाता था.

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