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शिमला में पानी के बिलों पर हाहाकार, एक उपभोक्ता को 3.73 लाख रुपये का बिल भेजा

शिमला में पानी के बिलो को लेकर पूर्व पार्षद ने दिया धरना.
शिमला में पानी के बिलो को लेकर पूर्व पार्षद ने दिया धरना.

Water Bill Issue in Shimla: मेयर सत्या कौंडल भी पानी के भारी भरकम बिल को लेकर वे खुद परेशान हैं. उन्होंने कहा कि जो बिल उन्हें दो हजार से लेकर चार हजार तक आता था, वह इस बार 20 हजार का आया है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की राजधानी शिमला (Shimla) में पानी के भारी भरकम बिलों (Water Bill issue) को लेकर हाहाकार है. जनता का गुस्सा फूटने लगा है. भारी भरकम बिलों को लेकर जहां पहले ही स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है. चम्याणा के एक यूजर का कॉमर्शियल बिल 3.73.540 रुपये आया है. वहीं, ढली में एक परिवार को 3 लाख 78 हजार रुपये का बिल भेजा गया है. इस विरोध नगर निगम शिमला के पूर्व पार्षद भी धरने पर बैठ गए.

बिलों को दोबारा दुरुस्त करने की मांग
गुरुवार को पूर्व पार्षद भारी भरकम बिल लेकर मेयर कार्यालय पहुंचे और सांकेतिक धरने पर बैठ गए. इस दौरान पूर्व पार्षद नरेंद्र चौहान ने मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों से पानी के भारी भरकम बिलों को कम करने के लिए सदन में चर्चा करने की मांग की है. साथ ही जल निगम से लोगों को जारी किए बिलों को दोबारा दुरुस्त करने और हर माह पानी के बिल जारी करने की मांग की है.

शिक्षा मंत्री के शहर का हाल
पूर्व पार्षद ने आरोप लगाया है कि जल निगम ने ठेके पर जो भी कर्मचारी रखे हैं, वह जनता के साथ बदसलूकी करते हैं. उन्होंने शिक्षा मंत्री और स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज पर भी चुप्पी साधने को लेकर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि शहर में 80 फीसदी पेयजल उपभोक्ताओं को लाखों में बिल आये हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री पार्टी के प्रचार में दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं.



यह बोली मेयर
मेयर सत्या कौंडल भी पानी के भारी भरकम बिल को लेकर वे खुद परेशान हैं. उन्होंने कहा कि जो बिल उन्हें दो हजार से लेकर चार हजार तक आता था, वह इस बार 20 हजार का आया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने बिल को लेकर कई बार जल निगम के अधिकारियों से दुरुस्त करने की मांग की है, लेकिन जल निगम के अधिकारी उनकी बातों को अनदेखा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 31 जनवरी को बीओडी की बैठक में वे इस मामले पर मुख्य सचिव से शिकायत करेंगे.

आज होगी बीओडी की बैठक
शिमला में महंगी पानी की स्लैब दरों पर 31 जनवरी को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में अहम फैसला होगा. मुख्य सचिव अनिल खाची की अध्यक्षता में शिमला जल प्रबंधन कंपनी की बीओडी की बैठक होगी, इसमें पिछले पांच महीनों से पानी निर्धारित स्लैब दरों को स्वीकृति के लिए रखा जाएगा. मर्ज वार्डों के पार्षदों ने 25 रुपए प्रति हजार लीटर रुपए पानी का स्लैब रेट करने को लेकर हाऊस से प्रस्ताव पारित किया है, जिस पर अब जल निगम की बीओडी को फैसला लेना है. वहीं निगम के पुराने वार्डों में घरेलू पानी की दर 14.50 रुपये प्रति हजार लीटर हैं. मौजूदा समय में मर्ज वार्डों में स्लैब रेट 44 रुपए प्रति हजार लीटर है.

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