धर्मशाला इन्वेस्टर्स मीट में हुए 96,721 करोड़ रुपये के MOUs का क्या हुआ?
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धर्मशाला इन्वेस्टर्स मीट में हुए 96,721 करोड़ रुपये के MOUs का क्या हुआ?
सीएम जयराम ठाकुर. (फाइल फोटो)

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण में उद्योगपतियांे को और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इसे अधिक विकसित करने की आवश्यकता है.

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शिमला. हिमाचल राज्य स्तरीय एकल खिड़की अनुश्रवण एवं स्वीकृति प्राधिकरण ने एकल खिड़की पोटर्ल के जरिये 6100 करोड़ रुपये के निवेश की 193 परियोजना प्रस्ताव मंजूर किए हैं. यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने आज यहां उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उद्योगपत्तियों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से धर्मशाला में 7 व 8 नवम्बर, 2019 को ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट का आयोजन किया था, जिसमें 96721 करोड़ रुपये के 703 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए. इस मीट के दो महीने के उपरान्त 13656 करोड़ रुपये के 204 समझौता ज्ञापनों का ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किया गया.

क्या बोले सीएम
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने व्यवसाय में सुगमता के अंतर्गत विभिन्न प्रक्रियाओं को सरल बनाया है. वित्तीय पहल की समयबद्ध स्वीकृतियों और भुगतान के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति-2019 को लागू किया गया है. सरकारी भूमि बैंक स्थापित कर 600 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करवाई जा चुकी है जबकि 1300 हेक्टेयर भूमि के स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से निवेशकों और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने वालों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि जिन परियोजनाओं का निष्पादन होना है, उन्हें निर्धारित समय अवधि में कार्यान्वित किया जा सके. उन्होंने कहा कि वैबीनार के माध्यम से संभावित निवेशकों तथा उद्योग संघों से निरंतर संपर्क में रहा जाए. उन्होंने अधिकारियों से निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष क्षेत्रों जैसे विद्युत वाहनों, विद्युत और इलेक्टाॅªनिक्स, प्रेसिशन टूल्ज, आई.टी. हार्डवेयर के लिए कार्य योजना तैयार करने का सुझाव दिया.
कोविड-19 महामारी में फार्मा उद्योग क्रियाशील


उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी प्रदेश का फार्मा उद्योग क्रियाशील रहा है यहां निर्मित दवाईयां दूसरे देशों को भी निर्यात की गई है. इस विपत्ति की घड़ी को अवसर में तबदील करने के प्रयास किए जाने चाहिए, क्योंकि देश के अन्य राज्य कोविड-19 के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और हिमाचल प्रदेश की स्थिति बेहतर है.

धारा-118 के अंतर्गत स्वीकृतियों को सरल तथा ऑनलाइन किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार में सुगमता सुनिश्चित करने के लिए विशेष बल दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी प्रक्रियाओं, नियमों तथा अधिनियमों को सरल बनाया गया है और धारा-118 के अंतर्गत स्वीकृतियों को सरल तथा ऑनलाइन किया गया है. उद्योगपतियों से संबधित 11 विभागों की लगभग 37 सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रही है.जय राम ठाकुर ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों (सुविधा और संचालन) 2019 के अंतर्गत आॅनलाइन स्वयं प्रमाणन को क्रियाशील बनाया गया है, जिससे योजनाओं के समयबद्ध कार्यान्यवन में सुविधा हुई है.

बल्क ड्रग पार्क शुरू करने का मामला
प्रदेश सरकार ने राज्य में बल्क ड्रग पार्क शुरू करने का मामला प्रभावशाली तरीके से केंद्र सरकार से उठाया है, जिसके लिए दो स्थलों को चिन्हित किया गया है. ऊना जिले के टाहलीवाल में सामान्य इंजीनियरिग कलस्टर को मंजूरी दी गई है, जिसमें मिनी टूल कक्ष, आधुनिक उपकरणों, परीक्षण प्रयोगशाला और प्रशिक्षण केंद्र की सुविधा उपलब्ध होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के अंतर्गत 311.75 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एकीकृत कोल्ड चेन और मूल्य संवर्द्धन अधोसंरचना के 16 मामलों को मंजूरी प्रदान की गई है. इसके अतिरिक्त 147.42 करोड़ रुपये की लागत के खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमता के सृजन और विस्तार के 20 मामलों को भी मंजूरी प्रदान की गई है.

25 लाख रुपये तक के ऋण
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न बैंकों के माध्यम से 25 लाख रुपये तक के ऋण प्रदान किए जा रहे हैं और इसके अंतर्गत परियोजना लागत की 35 प्रतिशत तक सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है. उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान 1,181 परियोजनाओं के लक्ष्य के मुकाबले 1214 लाभार्थियों को गैर-कृषक आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए इन्हें वित्त प्रबंधित किया गया.

वित्तीय लाभ देने के लिए 1200 करोड़ रुपये वितरित
मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत सूक्ष्म लघु मध्यम इकाइयों को वित्तीय लाभ देने के लिए 1200 करोड़ रुपये वितरित किए गए। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 140 करोड़ रुपये के निवेश के साथ प्रदेश में 728 इकाइयां स्थापित की गई हैं. उन्होंने येाजना की धीमी रफ्तार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की एक टीम नामित की जानी चाहिए, ताकि अधिकतम युवा इससे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप हिमाचल योजना के अंतर्गत 92 नए उद्यमी लाभान्वित हुए हैं और 29 स्टार्ट अप का व्यवसायीकरण किया गया.

समिति का गठन किया जाएगा
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण में उद्योगपतियांे को और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इसे अधिक विकसित करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस प्राधिकरण को अधिक प्रभावी और सशक्त बनाने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा. उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि हमें केंद्रित होकर कार्य करना चाहिए, ताकि वांछित परिणाम प्राप्त किये जा सकें। उन्होंने राज्य में सीमेंट की कीमतों के पर नियंत्रण के लिए एक उपयुक्त तंत्र विकसित करने पर भी बल दिया.
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