क्या होता है मौसम का येलो, ऑरेंज और रेड हो जाना?

अलर्ट चार तरह के होते है, ग्रीन, येलो, ऑरेंज और रेड. ग्रीन अलर्ट का मतलब होता है, एक दो स्थानों पर वर्षा, जिसके लिए कोई एक्शन नहीं लिया जाता.

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 8, 2019, 11:12 AM IST
क्या होता है मौसम का येलो, ऑरेंज और रेड हो जाना?
हिमाचल में 8 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 8, 2019, 11:12 AM IST
हिमाचल प्रदेश में सोमवार के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसके तहत प्रदेश के मध्यपर्वतीय क्षेत्रों और मैदानी क्षेत्रों में भारी से भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं 9 जुलाई को प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है. आज हम आपकों बताने जा रहे हैं कि येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट का क्या मतलब होता है.

चार तरह के होते हैं अलर्ट
अलर्ट चार तरह के होते है, ग्रीन, येलो, ऑरेंज और रेड. ग्रीन अलर्ट का मतलब होता है, एक दो स्थानों पर वर्षा, जिसके लिए कोई एक्शन नहीं लिया जाता.

ये होता है येलो अलर्ट

जब कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना होती है उस वक्त येलो अलर्ट जारी किया जाता है. इसका मतलब है मौसम से संबंधित सूचना को लेकर अपडेट रहना चाहिए और येलो अलर्ट में 64.5 से 115.5 एमएम तक बारिश हो सकती है.

ऑरेंज अलर्ट
ऑरेंज अलर्ट तब जारी किया जाता है, जब 115.6 से 204.4 एमएम बारिश होने की संभावना होती है. यानी इस दौरान बहुत भारी बारिश होने की संभावना होती है. ऑरेंज अलर्ट में मौसम से होने वाले सभी प्रभावों के प्रति तैयार रहने की जरूरत होती है.
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रेड अलर्ट
रेड अलर्ट में बहुत भारी से भारी बारिश होती है, जिसे एक्टिवली हैवी रेनफॉल भी कहा जाता है और जिसमें 204.4 एमएम से अधिक बारिश होने की संभावना होती है. ऐसे में बादल फटने, नदियों के पानी का खतरे का पानी खतरे के निशान से भी ऊपर चला जाता है. भूस्खलन और पेड़ गिरने जैसी समस्याएं देखने को मिलती है. इस दौरान लोगों को खासी सावधानियां बरतनी चाहिए, ताकि जानमाल का कम से कम नुकसान हो.

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First published: July 8, 2019, 11:05 AM IST
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