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इंजीनियर को 'पानी' पिलाने बोरिया-बिस्तर लेकर धरने पर बैठे विधायक, जानें क्या है माजरा

इंजीनियर को 'पानी' पिलाने बोरिया-बिस्तर लेकर धरने पर बैठे विधायक, जानें क्या है माजरा

शिमला में पानी की समस्या को लेकर सीपीआई एम के विधायक चीफ इंजीनियर दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए.

शिमला में पानी की समस्या को लेकर सीपीआई एम के विधायक चीफ इंजीनियर दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए.

MLA Dharna in Shimla: शिमला के ठियोग क्षेत्र के विधायक माकपा के राकेश सिंघा पानी की समस्या को लेकर शिमला में जल शक्ति विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए. ठियोग शहर में पीने के पानी की किल्लत के मुद्दे पर उन्होंने धरना दिया और अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही उन्होंने धरना खत्म किया. बता दें कि हिमाचल प्रदेश के ठियोग से माकपा के एकमात्र विधायक हैं राकेश सिंघा. विधायक ने बताया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी जातीं तो वह स्लीपिंग बैग लेकर आए थे और यहीं रात भर धरने पर बैठते.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश की ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक राकेश सिंघा (Rakesh Singha) फिर से एक विभाग के आला अधिकारी के बाहर धरने (MLA in Dharna) पर बैठे नजर आए. ठियोग शहर (Thiyog City) में पीने के पानी की समस्या के मुद्दे पर राकेश सिंघा ने जल शक्ति विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ के दफ्तर के बाहर धरना दिया. वीरवार को राजधानी शिमला (Shimla) में सिंघा ने ये धरना दिया. माकपा विधायक को अंदाजा था कि विभाग उनकी मांगे नहीं मानेगा, इसलिए रात को वहीं पर डेरा जमाने के लिए स्लीपिंग बैग भी लेकर आए थे.

CPI M विधायक राकेश सिंघा के साथ उनके कुछ समर्थक भी हाथों में प्लेकार्ड लेकर धरने पर बैठे नजर आए. विधायक के धरने के बाद विभाग हरकत में आया और समस्या को तुरंत सुलझाने का आश्वासन दिया. 4-5 घंटे तक धरना देने के बाद और उचित आश्वासन मिलने के बाद ही विधायक ने धरना खत्म कर दिया और वापस लौट गए.

ठियोग में पीने के पानी 6 महीने से समस्या

विधायक ने कहा कहना है कि ठियोग शहर की आबादी करीब 10 हजार है, यहां पर 150 बेड का अस्पताल है, विभिन्न विभागों के दफ्तर हैं और आसपास के इलाके का बिजनेस सेंटर हैं. यहां पर विभाग की लापरवाही से बीते 6 महीने से पीने के पानी समस्या है. कई दिनों तक पानी नहीं आता, पानी आता है तो फिर आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाती. उन्होंने कहा कि धरने पर बैठने का फैसला भारी मन लिया.

आजादी के 75 वर्ष बाद भी आम जनता को पीने का पानी नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर विभाग के उच्च अधिकारियों को चिठ्ठी भी लिखी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए ये धरना देना पड़ा.

चीफ इंजीनियर ने माना- ठियोग में पानी की समस्या

इस बाबत शिमला जल शक्ति विभाग की चीफ इंजीनियर अंजु शर्मा ने माना कि ठियोग में पिछले कुछ समय से पीने के पानी की आपूर्ति में दिक्कत आ रही है. इसका कारण ये है कि पानी की पाइपें पुरानी होने के चलते जगह-जगह फट रही हैं. विभाग ने अब तक 150 मीटर पाइप बदल दी है और फटी हुई पाइपों की मरम्मत का कार्य भी चल रहा है.

इंजीनियर शर्मा ने बताया कि करीब 80 फीसदी दिक्कत दूर हो गई है. एक-दो दिनों पूरी समस्या का समाधान हो जाएगा. उन्होंने कहा कि स्टोरेज कैपिसिटी न होने और पाइपों के बार बार फटने के चलते ये समस्या आ रही है, जिसे जल्द दूर किया जाएगा.

Tags: MLA, Shimla News, Water supply

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