शिमला खुदकुशी केस: ‘पत्नी के अवैध संबंध, इससे अच्छा तो मैं मर जाऊं’

Ranbir Singh | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 2, 2019, 5:03 PM IST
शिमला खुदकुशी केस: ‘पत्नी के अवैध संबंध, इससे अच्छा तो मैं मर जाऊं’
शिमला में 29 अगस्त को एक युवक ने सुसाइड किया था.

Shimla Suicide Case: कमल ने आगे लिखा है कि मैं जीना चाहता था, लेकिन इन लोगों की वजह से मरना पड़ रहा है. मेरे बेटे को मेरे भाई और मां-बाप के पास रहने दें. मेरे बेटे को ईमानदार मत बनाना.

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हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla) के जुन्गा के नैहरा गांव में 29 अगस्त को एक युवक की आत्महत्या (Shimla Suicide Case) का मामला खासा पेचीदा होता हुआ नजर आ रहा है. परिजनों का आरोप है कि युवक के ससुराल वालों ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके चलते 30 वर्षीय कमल किशोर ने अपनी जान दे दी.

काफी इमोशनल बातें भी लिखी
परिजनों के आरोपों का जिक्र सुसाइड नोट (Suicide Note) में भी है. युवक ने जो सुसाइड नोट लिखा  है, उसमें कई खुलासे किए गए हैं और काफी इमोशनल बातें भी लिखी गई हैं. इस मामले में मृतक की पत्नी समेत मृतक के सास-ससुर, साला-साली सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है. आत्महत्या का यह मामला कई सवाल भी खड़े कर रहा है.

कमल किशोर का छोड़ा गया सुसाइड नोट.
कमल किशोर का छोड़ा गया सुसाइड नोट.


पत्नी को पंसद नहीं थे सास ससुर
बेहद शांत और सौम्य स्वभाव वाले कमल किशोर (Kamal Kishor Suicide Case) अपने 7 साल के बेटे को छोड़कर चले गए. कमल किशोर घर में कमाने वाला एकमात्र सदस्य भी था. परिजन बताते हैं कि शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच झगड़े शुरू हो गए थे. मृतक की पत्नी अपने सास-ससुर को पसंद नहीं करती थी, इसलिए कुछ समय बाद ही अलग रहना शुरू कर दिया था.

ये लिखा सुसाइड नोट में
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जब कमल का सुसाइड नोट मिला तो उसने सबके होश उड़ा दिए. कमल ने लिखा, 'आत्महत्या के लिए 6 लोग जिम्मेदार हैं. पत्नी अंजना, नारायण सिंह, जो रिश्ते में अंजना का नाना लगता है. राम स्वरूप, कविता, विक्की और मंजू, यह क्रमश सास-ससुर और साला-साली हैं.' कमल ने लिखा है, 'उसे हर बात के लिए पुलिस की या फिर कोर्ट की धमकी दी जाती थी. परिवार वालों और बेटे को मार डालने की धमकी दी जाती थी. यहां तक कि यह भी कहा जाता था कि तेरे छोटे भाई को तेरी पत्नी के रेप केस में फंसा दिया जाएगा.' कमल अपने सुसाइड नोट में लिखता है, 'इन लोगों ने उसे खून के आंसू रुलाए हैं. दो महीने पहले पत्नी के जेवर और 3 लाख रुपए भी लिए हैं. जेवर और पैसे मेरे बेटे और मां-बाप को दिए जाएं.'

पत्नी को लेकर यह लिखा
पत्नी के अवैध सम्बंधों का जिक्र करते हुए कमल ने लिखा है, 'मैंने पत्नी को बहुत समझाया लेकिन वह मानी नहीं. यहां तक कि यह भी कहा कि जिसे तुम पसंद करती हो, उससे तुम्हारी शादी भी करवा दूंगा, लेकिन वो नहीं मानी. मुझे तड़पाती रही. इससे अच्छा है कि मैं मर जाऊं.'

Shimla Suicide Case
कमल किशोर का छोड़ा गया सुसाइड नोट की कॉपी.


औरतों को कानून में छूट
कानून पर सवाल करते हुए कमल ने लिखा है, 'औरतों को कानून ने छूट दे रखी है और इसी चीज का वो नाजायज फायदा उठा रही हैं. लोग कहते हैं कि सच्चाई की जीत होती है, पर मैं कहता हूं कि जिसकी चलती है, उसकी जीत होती है. सच्चाई दब जाती है. मैं पूरी जिंदगी ईमानदार बना रहा, आखिर में मौत ही मिली.'

मैं जीना चाहता था लेकिन…
कमल ने आगे लिखा है, 'मैं जीना चाहता था, लेकिन इन लोगों की वजह से मरना पड़ रहा है. मेरे बेटे को मेरे भाई और मां-बाप के पास रहने दें. मेरे बेटे को ईमानदार मत बनाना, नहीं तो यह भी मेरी तरह किसी का शिकार हो जाएगा.' अपने छोटे भाई के लिए कमल ने लिखा है, 'इसे तेरे भरोसे छोड़ रहा हूं.' कमल ने अपने बेटे के लिए सुसाइड नोट में लिखा है कि मुझे माफ करना. सब भाई बहन मिल-जुल कर रहना. काकू और अंशु को तंग नहीं करना. काकू से कहना कि तेरा पिता तुमसे बहुत प्यार करता था.

पत्नी को कहा-तेरा पाप का घड़ा भरा
अंत में कमल ने अपनी पत्नी के लिए लिखा है कि अंजना मैडम तुम्हारे पाप का घड़ा भर गया है. मैं जल्दी वापस आ रहा हूं. परिजनों का कहना है कि इस पूरी साजिश के पीछे अंजना के नाना नारायण सिंह का हाथ है, जो पेशे से वकील है और उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत ले रखी है.

कभी नहीं बताया: भाई
छोटा भाई बताता है कि कमल अपनी परेशानियों के बारे में किसी को नहीं बताता था. और ना ही कोई बातें साझा करता था. कमल की पत्नी घर से अपना सब कुछ लेकर चली गई थी. घर में उसकी एक ही चुनरी बची थी और उसी चुनरी से फंदा लगाकर कमल ने जीवन समाप्त कर दिया.

माता-पिता झगड़ते थे: बेटा
कमल के 7 साल के बेटे ने बताया कि उसके माता-पिता झगड़ा करते रहते थे. उसकी मां ज्यादा ख्याल नहीं रखती थी, जिसके चलते अपनी मां से ज्यादा लगाव भी नहीं है. चाचू के साथ ही रहना पसंद है. घटना वाली सुबह कमल की लाश घर के बाहर पेड़ पर लटकी हुई थी और बेटा कमरे की खिड़की से उस मंजर को देख रहा था.

कई बार पंचायत पहुंचा मामला
गांव वाले बताते हैं कि कमल का मामला कई बार पंचायत की दहलीज पर भी आया. कभी रजामंदी हुई तो कभी बात नहीं बनीं. तमाम बातों के बीच कमल के लिए बस तारीफ ही निकलती है और सरकार से पीड़ित परिवार की मदद की गुहार लगाई जा रही है.

सभी पांचों ससुराली जेल में
पूरे वाक्य पर अब तक कमल के ससुराल का पक्ष सामने नहीं आ पाया है, क्योंकि सभी ससुराली सलाखों के पीछे हैं. पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि परिजनों की बातों में कितनी सच्चाई है और सुसाइड नोट में लिखी बातें कितनी सहीं हैं, इसकी तफ्तीश में समय लगेगा. क्योंकि मामला आत्महत्या के लिए उकसाने का दर्ज किया गया है.

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First published: September 2, 2019, 3:56 PM IST
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