चार बार पार्टी बदलने वाले पूर्व मंत्री अनिल शर्मा अब कहां जाएंगे?

Anil Sharma Expelled from BJP: अनिल शर्मा मंडी जिले की सदर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए हैं. अब उन्हें भाजपा ने पार्टी से निकाल दिया है.

Vinod Kumar Katwal | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 14, 2019, 3:03 PM IST
चार बार पार्टी बदलने वाले पूर्व मंत्री अनिल शर्मा अब कहां जाएंगे?
अनिल शर्मा को भाजपा ने पार्टी से निकाल दिया है.
Vinod Kumar Katwal | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 14, 2019, 3:03 PM IST
संचार क्रांति के मसीहा माने जाने वाले पंडित सुखराम (Pandit Sukhram) का परिवार अब सियासत की दो कश्तियों में सवार चल रहा था. लेकिन अब इससे मुक्त हो गया है. भाजपा (Bjp) ने अनिल शर्मा (Anil Sharma) को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. अब बड़ा सवाल यह है कि अनिल शर्मा भी अपने पिता सुखराम और बेटे आश्रय शर्मा की तरह कांग्रेस में लौट जाएंगे.

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान दिल्ली में राहुल गांधी की मौजूदगी में सुखराम अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस में लौट गए थे. साठ साल के राजनीतिक करियर और बीते दो दशक में सुखराम परिवार ने चार बार पार्टियां बदली हैं.

ये बोले अनिल शर्मा
न्यूज18 से बातचीत में अनिल शर्मा ने कहा कि यह पार्टी का फैसला है. हालांकि, मैंने कैबिनेट मंत्री से पहले ही इस्तीफा दे दिया था. अनिल शर्मा ने न्यूज18 से कहा है कि अभी उन्हें मीडिया से जानकारी मिली है. आधिकारिक तौर पर उन्हें इसकी जानकारी नहीं मिली है.

Anil Sharma
अनिल शर्मा पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम के बेटे हैं.


अनिल शर्मा ने कहा कि वह पार्टी के फैसले से आहत हैं. क्योंकि उनके बेटे का कांग्रेस में जाने का फैसला, अपना फैसला है. कांग्रेस में वापस जाने के सवाल पर अनिल शर्मा ने गोलमोल सा जवाब दिया और कहा कि वर्करों के साथ तय किया जाएगा कि अब कैसे राजनीति करनी है. उन्होंने कहा कि उन्होंने बेटे के कांग्रेस में जाने का विरोध किया था, लेकिन बेटे का निजी फैसला है.

1998 में कांग्रेस से अलग हुए
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पहली बार साल 1998 में सुखराम और अनिल शर्मा कांग्रेस से अलग हुए और हिमाचल विकास कांग्रेस (हिविकां) पार्टी बनाई. इस दौरान हुए विधानसभा चुनाव में इन्हीं के बुते भाजपा हिमाचल में सरकार बना पाई थी. 1998 विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को 31-31 सीटें मिलीं, लेकिन, सुखराम की हिविकां ने धूमल को समर्थन दिया. बाद में पंडित सुखराम ने वर्ष 2003 में परिवार समेत कांग्रेस में वापसी की.

अनिल शर्मा के बेटे आयुष की शादी सलमान खान की बहन से हुई है.
अनिल शर्मा के बेटे आयुष की शादी सलमान खान की बहन से हुई है.


सुखराम परिवार वर्ष 2017 तक कांग्रेस में रहा. लेकिन विधानसभा चुनाव 2017 से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गया. अनिल शर्मा बीती कांग्रेस सरकार में पंचायती राज मंत्री थे. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पंडित सुखराम ने पोते आश्रय के साथ कांग्रेस का दामन थामा है.

वीरभद्र सिंह से तनातनी
दूरसंचार घोटाले में फंसने के बाद अनिल शर्मा के पिता सुखराम को कांग्रेस से निकाल दिया गया था. हिमाचल में कांग्रेस में रहते हुए पंडित सुखराम की वीरभद्र सिंह के साथ कभी नहीं बनी. प्रदेश में वह अपना अलग जनाधार रखते हैं, खासकर मंडी में. हालांकि, इस बार लोकसभा चुनाव में उनके बेटे को मंडी सीट से चार लाख के करीब वोटों से हार मिली थी. उन्हें भाजपा के रामस्वरूप शर्मा ने हराया था.

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First published: August 14, 2019, 2:58 PM IST
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