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Himachal News: हिमाचल में ‘स्क्रब टाइफस’ से दूसरी मौत, 29 साल की महिला ने IGMC में तोड़ा दम

अभी तक प्रदेश में 200 से अधिक स्क्रब के मामले सामने आ चुके है.

अभी तक प्रदेश में 200 से अधिक स्क्रब के मामले सामने आ चुके है.

Scrub Typhus in Himachal: 'स्क्रब टाइफस' रोग रिकेटशिया जीवाणु से संक्रमित पिस्सू माइट के काटने से फैलता है, जो खेतों-झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है. यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है. इसमें फिर तेज बुखार आता है और जोड़ों में दर्द और कंपकंपी होती है.

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    शिमला. हिमाचल प्रदेश में कोरोना के बीच स्क्रब टाइफस भी पैर पसार रहा है. यहां पर लगातार मामले बढ़ने के साथ लोगों को जान से भी हाथ धोना पड़ रहा है. ताजा मामले में 29 साल की महिला की मौत हुई है. हिमाचल में स्क्रब टाइफस से अब तक दो मौतें हो चुकी हैं. दोनों ही मृतक महिलाएं थीं. इससे पहले मंडी की 19 साल की एक लड़की की इस बीमारी से जान चली गई थी.

    जानकारी के अनुसार, IGMC में बुधवार को ‘स्क्रब टाइफस’ से महिला मरीज की मौत हो गई. महिला 29 साल की थी. कोरोना के बीच अस्पताल में ‘स्क्रब टाइफस’ से मौत से हड़कंप मचा हुआ है. सिरमौर की महिला को इलाज के लिए 19 सितंबर को दोपहर बाद अस्पताल लाया गया था. महिला को मेडिसिन वार्ड में दाखिल किया गया. महिला का स्क्रब टाइफस टेस्ट हुआ और इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. गंभीर अवस्था में होने के चलते उसकी मौत हो गई.

    मंडी की युवती की भी हुई थी मौत

    अस्पताल में अब तक इस बीमारी से 2 मरीजों की मौत हो गई है. इनमें इसी महीने मंडी की रहने वाली 19 साल की लड़की ने इस बीमारी से दम तोड़ दिया था. आईजीएमसी में स्क्रब टायफस पॉजिटिव मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. बुधवार शाम को बिलासपुर से रेफर एक मरीज को आईजीएमसी शिफ्ट किया है. यह मरीज 70 साल का है. हिमाचल में स्क्रब टाइफस के 200 से ज्यादा केस रिपोर्ट हो चुके हैं.

    क्या हैं लक्षण

    स्क्रब टाइफस रोग एक जीवाणु रिकेटशिया से संक्रमित पिस्सू माइट के काटने से फैलता है. जो खेतों झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है. यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है. इसमें फिर तेज बुखार आता है और जोड़ों में दर्द और कंपकंपी होती है. शरीर टूट जाता है और अधिक संक्रमण में गर्दन बाजू के नीचे कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होती हैं. बचाव के लिए घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें और घर के चारों ओर घास खरपतवार ना उगने दें.

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