Assembly Banner 2021

शिमला में येलो लाइन पार्किंग में फीस वसूली का विरोध, अब पार्षदों ने MC से किए सवाल

हिमाचल का शिमला शहर.

हिमाचल का शिमला शहर.

Yellow line Parking Issue in Shimla: नगर निगम शिमला के डिप्टी मेयर शैलेन्द्र चौहान ने मामले में सफाई दी है और कहा कि येलो लाइन पार्किंग से सुविधा के अलावा, असुविधा भी होगी. येलो लाइन पार्किंग पर आवदेन मांगे हैं. बाद में मामले पर चर्चा होगी.

  • Share this:
शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला (Shimla) में सड़क किनारे येलो लाईन पार्किंग फीस (Parking Fees) का चौतरफा विरोध हो रहा है. पहले जहां स्थानीय लोग नगर निगम (Municipal Corporation) शिमला के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. वहीं, अब निगम पार्षद भी अपनी ही निगम के फैसले का विरोध में उतर गए हैं. पार्षदों के कहना है कि निगम ने शहर में सड़क किनारे येलो लाइन (Yellow line) फीस वसूलने के जो निर्णय लिया है, वह तर्क संगत नहीं है.

निगम के पास पार्किंग कम आवदेन ज्यादा

पार्षद राकेश शर्मा और आशा शर्मा का कहना है कि निगम ने 31 अगस्त तक पार्षदों के माध्यम से स्थानीय जनता से पार्किंग के लिए आवेदन मांगे हैं, लेकिन शहर में निगम के पास पार्किंग कम और आवदेन करने वाले ज्यादा हैं. ऐसे में निगम किसको पार्किंग मुहैया करवाएगा और कैसे स्थानीय लोगों को पार्किंग आबंटित करेगा. उन्होंने कहा कि निगम से पार्किंग फीस वसूल करने से पहले स्थानीय जनता से इस बारे में राय लेनी चाहिए थी, लेकिन एमसी पार्षद के माध्यम से जनता से पार्किंग के लिए आवेदन मांग रहे हैं, जो तर्क संगत नहीं है.



यह है बड़ा सवाल
उन्होंने कहा कि जिन वार्डों में येलो लाइन ही नहीं है, वहां कैसे पार्किंग मुहैया करवाई जाएगी. उन्होंने कहा कि उनके वार्डों में निगम के बजट में पार्किंग निर्माण करने के लिए बजट का प्रावधान किया गया था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद उस पर कोई कार्य शुरु नहीं हो पाया है. ऐसे में स्थानीय जनता पार्किंग को लेकर परेशान है और मजबूरन सड़क किनारे ही वाहन पार्क करने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि निगम को इस बारे में दोबारा विचार करना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके.

जनता के बाद अब पार्षद भी मुखर

येलो लाइन पार्किंग फीस को लेकर स्थानीय जनता और पूर्व पार्षदों ने भी निगम के खिलाफ मोर्चा दिया है. पूर्व पार्षद सुशांत कपरेट ने बताया कि नगर निगम शिमला भी प्रदेश सरकार की तरह अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है और जनता को परेशान करने के फैसले ले रहा है. उन्होंने कहा कि पूर्व निगम ने शहर की जनता को सुविधाएं देने के लिए जगह-जगह पर पीपीपी मोड़ पर बड़ी-बड़ी पार्किंग बनाई हैं, लेकिन उन पार्किंग से जनता को किसी तरह का कोई लाभ नहीं मिल रहा है और साथ ही नगर निगम शिमला को भी एक भी रुपए की आमदनी नहीं हो रही है. इसका हल निकालना के लिए एमसी अब सड़क किनारे येलो लाइन पर पार्किंग फीस वसूलने की तैयारी कर रहा है, जो शहरवासी पर आर्थिक बोझ डालेगा. उन्होंने कहा कि शहर में पार्किंग कम है और गाड़ियां ज्यादा हैं. ऐसे में किसको निगम पार्किंग मुहैया करवाएगा.

लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालने की तैयारी

उन्होंने कहा कि यह निर्णय निगम का सही नहीं है और इसे बदल देना चाहिए वहीं शहरवासियों ने भी निगम के इस निर्णय का विरोध किया है लोगों का कहना है कि जनता लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालने की तैयारी कर रहा है जो न्यायोचित नहीं है. उन्होंने कहा कि जनता टैक्स ज्यादा चुकाता है जबकि सुविधाओं के नाम पर लोगों को कुछ भी नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में इस निर्णय को तुरंत वापिका लेना चाहिए.

क्या बोले डिप्टी मेयर

डिप्टी मेयर शैलेन्द्र चौहान का मानना है कि येलो लाइन पार्किंग से जहां सुविधा मिलेगी, वहीं लोगों लोगों को असुविधा का सामना भी करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि येलो लाइन पार्किंग पर लोगों से आवदेन मांगे हैं, जिसके बाद उस पर चर्चा की जाएगी. अब सवाल यह है कि येलो लाइन पार्किंग को लेकर जहां एमसी खुद असमंजस की स्थिति में है तो शहरवासियों को परेशान क्यों कर रहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज