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Yes Bank में कैश के लिए ‘No’: ऑपरेशन के लिए पैसे नहीं, बच्चों की फीस रुकी
Shimla News in Hindi

Ranbir Singh | News18 Himachal Pradesh
Updated: March 6, 2020, 1:39 PM IST
Yes Bank में कैश के लिए ‘No’: ऑपरेशन के लिए पैसे नहीं, बच्चों की फीस रुकी
शिमला में यस बैंक शाखा.

Yes Bank Crisis: युवा कर्ण टेलीकॉम के कारोबर से जुड़े हैं. पूरे हिमाचल में कार्यरत अपने कर्मचारियों को सैलरी देनी है. एक कर्मचारी ऐसा है जिसके पिताजी आईजीएमसी में भर्ती हैं. उसे पैसे की जरूरत है, लेकिन बैंक वाले बोल रहे हैं कि 50 हजार रुपये से ज्यादा नहीं दे सकते.

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शिमला. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से यस बैंक में कैश (Cash) निकासी की लिमिट तय करने पर हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में इस बैंक से जुड़े उपभोक्ताओं की परेशानी बड़ी है. RBI ने यस बैंक की निकासी सीमा तय कर दी है. इसके चलते ग्राहक केवल एक माह में 50 हजार रुपये ही निकाल पाएंगे. तीन अप्रैल तक यह रोक लगी रहेगी.

शिमला (Shimla) में यस बैंक की टिब्बर हाउस शाखा (Yes Bank Timber House) के बाहर शुक्रवार को उपभोक्ताओं की भीड़ उमडी. इस दौरान बैंक में पैसे तो जमा किए जा रहे थे, लेकिन निकासी को लेकर लिमिट तय थी. आरबीआई के आदेश के बाद ऑनलाइन भी पैसे न ही मिल रहे हैं.

एटीएम भी बंद किया
शाखा के बाहर एटीएम भी बंद कर दिया. चैक का सिस्टम भी ठप हो गया है. 31 मार्च की क्लोजिंग फंस गई है. शिमला में कारोबारियों के पास काम कर रहे लोगों की सैलरी भी रुक गई है. किसी के पास दवाइयों के लिए पैसे नहीं बचे तो कोई अपने बच्चों की फीस नहीं भर पा रहा है.



रिटायर्ड जज ने बताई परेशानी


बैंक पहुंचे रिटायर्ड जज जगमोहन सिंह ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि घर कैसे चलेगा. खर्चे बहुत ज्यादा है. उनका कहना है कि कैश लेस के इस दौर में घर में पैसे कोई नहीं रखता. येस बैंक में इसलिए पैसे जमा करते थे कि क्योंकि सेविंग पर ब्याज ज्यादा था. अब यहां भटक रहे हैं. उन्होंने बताया कि बैंक में एक व्यक्ति आया जिसने 5 हजार रुपए जमा करवाए. जमा करने पर कोई रोक नहीं है.

शिमला में यस बैंक के बाहर रिटायर्ड जज.
शिमला में यस बैंक के बाहर रिटायर्ड जज.


कारोबार की 70 लाख पैमेंट फंसी
शिमला में ही नीरज ग्रोवर फर्नीचर का कारोबार करते हैं. करीब 70 लाख रुपये की पेमेंट करनी है. स्टाफ की सैलरी देनी है. 31 मार्च की क्लोजिंग है और अपने खर्चे भी हैं. बैंक वाले कह रहे हैं कि केवल 50 हजार रुपये ही निकाल सकते हैं. अब नीरज सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि क्या 50 हजार रुपये में कारोबार हो जाएगा. दूसरी ओर, राजन की बेटी यूनिवर्सिटी पढ़ रही है, उसके कोर्स की फीस देनी हैं लेकिन पैसा नहीं है.

शिमला में यस बैंक की शाखा पर पहुंचे उपभोक्ता.
शिमला में यस बैंक की शाखा पर पहुंचे उपभोक्ता.


आईजीएमसी में भर्ती कर्मचारी पिता
युवा कर्ण टेलीकॉम के कारोबर से जुड़े हैं. पूरे हिमाचल में कार्यरत अपने कर्मचारियों को सैलरी देनी है. एक कर्मचारी ऐसा है जिसके पिताजी आईजीएमसी में भर्ती हैं. उसे पैसे की जरूरत है, लेकिन बैंक वाले बोल रहे हैं कि 50 हजार रुपये से ज्यादा नहीं दे सकते. कर्ण के चचेरे भाई की आज ही FD मैच्योर हुई है. सालों से जमा किया हुआ पैसा एक महीने तक फंस गया है. करन का कहना है कि बैंक वालों ने यह तक नहीं बताया कि कल से ऐसा होने वाला है. क्योंकि पिछले कल ही कुछ पैसे निकाले थे.

बैंक में मीडिया कर्मियों पर रोक
अमन चड्ढा लोगों के चैक कॉलेक्ट करने का काम करते हैं. उसके बदले में कुछ कमाई हो जाती है. लेकिन बैंक कह रहा है कि चैक का काम सस्पेंड किया जा चुका है. बैंक के भीतर मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. जाहिर सी बात है कि अंदर ग्राहकों का तांता लगा है, लोग अपना पैसा मांग रहे हैं. सवाल पूछ रहे हैं.

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First published: March 6, 2020, 1:39 PM IST
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