जल संकट : पर्याप्त सप्लाई मिलने के बाद भी नहीं मिल रहा लोगों को पानी

शिमला में जल संकट. (सांकेतिक तस्वीर.)

शिमला में जल संकट. (सांकेतिक तस्वीर.)

सोमवार को भी नगर निगम को करीब 31.94 MLD पानी की आपूर्ति हुई है. जो शहर में तीसरे दिन पानी देने के लिए पर्याप्त है, लेकिन निगम शहर के लोगों को चार से सात दिनों बाद पानी की आपूर्ति कर रहा है.

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हिमाचल की राजधानी शिमला में जल संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है. भले ही शहर के मुख्य क्षेत्रों में लोगों को दो दिन छोड़कर पीने का पानी मिल रहा है, लेकिन नगर निगम के टूटू और मज्याठ वार्ड के लोगों को अब भी पीने के पानी के लिए छह से सात दिनों का लम्बा इंतज़ार करना पड़ रहा है.



लोगों का कहना है कि निगम को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने के बाद भी कई कई दिनों के लिए इंतज़ार करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम पानी देने के दावे तो करता है, लेकिन हक्कीकत में पानी की एक-एक बूँद के लिए छह से सात दिन तक रुकना पड़ता है.



लोगों ने पानी के सही वितरण ना करने पर निगम की की- मैन पर भी भेदभाव का आरोप लगाया है. रमेश और दीपाली ने निगम से नियमित रूप से पानी देने की मांग की है.





मेयर कुसुम सदरेट एक बार फिर रटारटाया जबाब देती हुई नजर आई उन्होंने कहा की शहर में पानी की स्थिति सामान्य है और शहर के सभी क्षेत्रों में तीसरे और चौथे दिन ही पानी की आपूर्ति की जा रही है.
किसी भी क्षेत्र में छह से सात दिन बाद पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि पानी की स्थिति सामान्य होते ही पानी को आपूर्ति सभी क्षेत्रों में एक सामान की जाएगी.



सोमवार को 31.94 MLD पानी की आपूर्ति

जैसे-जैसे मानसून का मौसम शुरु हो रहा है वैसे वैसे शहर के सभी पेयजल परियोजनायों में पानी की मात्रा भी बढती जा रही है. जिससे नगर निगम को भी रोजाना ज्यादा मात्रा में पानी मिलता है.



सोमवार को भी नगर निगम को करीब 31.94 MLD पानी की आपूर्ति हुई है. जो शहर में तीसरे दिन पानी देने के लिए पर्याप्त है, लेकिन निगम शहर के लोगों को चार से सात दिनों बाद पानी की आपूर्ति कर रहा है. इससे निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते हैं.

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