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हिमाचल कांग्रेस में अतर्कलह: गंगूराम को ‘दयाल नहीं लगी प्यारी’ चुनाव लड़ने का ऐलान

हिमाचल कांग्रेस में अतर्कलह: गंगूराम को ‘दयाल नहीं लगी प्यारी’ चुनाव लड़ने का ऐलान

गंगूराम मुसाफिर ने कहा कि उनके खिलाफ पच्छाद में कांग्रेस के बड़े नेताओं द्वारा षड्यंत्र किया जा रहा है.

गंगूराम मुसाफिर ने कहा कि उनके खिलाफ पच्छाद में कांग्रेस के बड़े नेताओं द्वारा षड्यंत्र किया जा रहा है.

Clash in congress: गंगूराम मुसाफिर पच्छाद से कांग्रेस के सीनियर नेता हैं. वह यहां से पूर्व मंत्री और विधायक रह चुके हैं. बीते चुनाव में दयाल प्यारी ने यहां से आजाद चुनाव लड़ा था. लेकिन वह जीत नहीं पाई थी. उनकी वजह से ही कांग्रेस के प्रत्याशी गंगूराम मुसाफिर की हार हुई थी. यहां से भाजपा की रीना कश्यप को जीत मिली थी. बाद में दयाल प्यारी भाजपा में शामिल हो गई थी. अब उनके खिलाफ ‌विरोध के स्वर उठ रहे हैं.

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    सोलन. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सिरमौर जिले में पच्छाद में भाजपा (‌BJP) छोड़ कांग्रेस में शामिल दयाल प्यारी को प्रदेश में सचिव पद दिए जाने को लेकर पच्छाद कांग्रेस (Pacchad Congress) के बड़े नेताओं में नाराजगी है. सोलन में पूर्वमंत्री और पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के, पूर्व विधायक गंगूराम मुसाफिर (Ganguram Musafir) ने कार्यकर्ताओं संग एक बैठक की और इसमें आगामी 2022 के विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीति तैयार की गई.

    मीडिया से बातचीत में गंगूराम मुसाफिर ने कहा कि उनके खिलाफ पच्छाद में कांग्रेस के बड़े नेताओं द्वारा षड्यंत्र किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन दिनों पच्छाद में अंतर्कलह की स्थिति इसलिए पैदा हो रही है, क्योंकि कांग्रेस के बड़े नेताओं को, दरकिनार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि, कुछ समय पहले ही भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुई दयाल प्यारी को काँग्रेस नेताओं ने उच्च पद दिया गया है, जो कि बेहद गलत कदम है और इसको लेकर पच्छाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी  रोष हैं.

    गंगू राम मुसाफिर ने कहा कि कहा कि जिन लोगों ने पूरी उम्र कांग्रेस की सेवा में लगा दी, आज उन कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब वे अपनी बात रखने के लिए शिमला गए तो उनकी बात को कांग्रेस नेताओं द्वारा नहीं सुना गया, जिसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा पनप रहा है. उन्होंने कहा कि आज उनकी बात सुनने के लिए कांग्रेस के बड़े नेता तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि पच्छाद के कांग्रेस कार्यकर्ता अनुशासित है, क्योंकि पच्छाद राजा की कर्मभूमि और डॉक्टर परमार की जन्मभूमि रही है. उन्होंने कहा कि अब  पानी सर से ऊपर चढ़ चुका है तो, कोई अब कदम तो उठाना ही पड़ेगा. गंगूराम मुसाफिर ने कहा कि उनका अभी तक कोई भी विचार पच्छाद से चुनाव लड़ने का नहीं था,लेकिन जिस तरह से उनके खिलाफ, पच्छाद में कांग्रेस के नेताओं द्वारा षड्यंत्र किया जा रहा है. अब मजबूरन, उन्हें 2022 का चुनाव लड़ना पड़ेगा और इसके लिए कांग्रेस कार्यकर्ता भी उनके साथ है और चुनाव लड़ने की बात को वे, हाईकमान के सामने भी रखेंगे.

    Tags: Himachal Congress, Himachal election, Himachal Politics, Himachal ड्रग माफिया

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