भारत बंद को लेकर किसानों में उभरा मतभेद, भारतीय किसान संघ ने ठहराया गलत

भारतीय किसान संघ ने किसानों के भारत बंद को गलत ठहराया है.

भारतीय किसान संघ ने किसानों के भारत बंद को गलत ठहराया है.

भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष प्रेमदत्त शर्मा ने कहा कि भारत बंद (Bharat Band) के निर्णय को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसान आंदोलन (Farmer Agitation) को विदेशी ताकतें बढ़ावा दे रही हैं. विपक्ष भी इस मामले पर पूर्ण रूप से राजनीति कर रहा है.

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सोलन. भारत बंद (Bharat Band) को लेकर अब किसानों (Farmers) के बीच से ही मतभेद उभरने लगे हैं. हिमाचल के सोलन में भारतीय किसान संघ (Bharatiya Kisan Sangh) ने भारत बंद को अनुचित बताया. संघ के जिलाध्यक्ष प्रेम दत्त शर्मा ने कहा कि अब किसानों के आंदोलन के नाम पर राजनीति की जा रही है. जिसे भारतीय किसान संघ कभी भी होने नहीं देगा.

उन्होंने कहा कि किसानों को केवल इस विरोध में मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. इस विरोध के पीछे कई ताकतें काम कर रही हैं, जो भोले-भाले किसानों को भ्रमित कर उन्हें केवल हथियार की तरह उपयोग कर रही है. यही वजह है कि भारतीय किसान संघ को मीडिया के समक्ष आकर भारत बंद का पुरजोर विरोध करना पड़ा है.

प्रेमदत्त शर्मा ने कहा कि किसानों की सभी मांगें केंद्र सरकार मान चुकी है. मंडियों को समाप्त न करने की भी बात केंद्र सरकार ने कह दी है. एमएसपी से कम पर फसलों की खरीद नहीं होगी, इस बात को भी केंद्र सरकार मान चुकी है. पांच बार किसान नेताओं से बैठक कर उनकी हर बात को मंजूर कर लिया गया है. लेकिन इसके बावजूद भी किसान नेता नहीं मान रहे हैं और 8 दिसंबर को भारत बंद बुला लिया है. ये सरासर गलत है.

प्रेमदत्त शर्मा ने कहा कि भारत बंद के निर्णय को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसान आंदोलन को विदेशी ताकतें बढ़ावा दे रही हैं. विपक्ष भी इस मामले पर पूर्ण रूप से राजनीति कर रहा है. इन सबके बीच किसान इस आंदोलन में बुरी तरह से पिस रहे हैं.

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