अब किसान शत-प्रतिशत जैविक खेती से दोगुना कर सकेंगे अपनी आय

धर्मशाला स्थित हिमाचल हेरिटेज फार्मस प्रोड्युसर कंपनी पिछले 18 वर्षों से जैविक कृषि क्षेत्र में कार्य कर रही जालंधर की ग्रीन प्लेनेट कंपनी के बीच गुरुवार को नालागढ़ में एमओयू हस्ताक्षरित हुआ है.

Jagat Singh Bains | News18 Himachal Pradesh
Updated: December 7, 2018, 10:06 AM IST
अब किसान शत-प्रतिशत जैविक खेती से दोगुना कर सकेंगे अपनी आय
सांकेतिक तस्वीर.
Jagat Singh Bains | News18 Himachal Pradesh
Updated: December 7, 2018, 10:06 AM IST
हिमाचल प्रदेश में सरकार द्वारा किसानों को रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इससे किसान अच्छी फसल के साथ-साथ अपनी आय को भी दोगुना कर सकेंगे. इसके लिए धर्मशाला स्थित हिमाचल हेरिटेज फार्मस प्रोड्युसर कंपनी पिछले 18 वर्षों से जैविक कृषि क्षेत्र में कार्य कर रही जालंधर की ग्रीन प्लेनेट कंपनी के बीच गुरुवार को नालागढ़ में एमओयू हस्ताक्षरित हुआ है. कंपनी के अधिकारियों की गारंटी है कि उनके उत्पादों के उपयोग से फसल कम नहीं होगी और उसके दाम भी अच्छे मिलेंगे.

नालागढ़ में पत्रकार वार्ता के दौरान निर्यातक और अंतरराज्यीय ग्रीन प्लेनेट कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. कमलजीत सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी पिछले 18 वर्षों से जैविक खेती के लिए सफल शोध कर रही है. कंपनी ने करीब 20 ऐसे जैविक उत्पाद तैयार किए हैं, जिनसे किसान अपने खेतों में शत-प्रतिशत जैविक खेती का उत्पादन कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती से जहां भूमि की उर्वरता खत्म होती जा रही है, वहीं रासायनिक फसलों से मनुष्य के शरीर पर भी कई दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं और वो अनेक गंभीर बीमारियों से ग्रस्त होते जा रहे हैं. यहां तक कि पशुओं का चारा भी जहरीला हो गया है, जिससे पशुओं का दूध भी रासायनिक हो चुका है.

वहीं सेव द मदर ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. कमलजीत ने कहा कि उनके जैविक उत्पाद गाय के गोबर और गोमूत्र के अलावा जड़ी-बूटियों से तैयार किए जाते हैं. इसलिए गोवंश का भी संवर्धन हो सकेगा. गोशालाओं से गोमूत्र व गोबर को एकत्रित करने पर उसके अच्छे दाम गौशालाओं को मिलेंगे, जिससे गायों के चारे और देखभाल में होने वाला खर्च कम होगा और गोशालाओं में ज्यादा से ज्यादा गायों को रखा जा सकेगा.

इधर, हिमाचल हेरिटेज फार्मस प्रोड्यूसर कंपनी के चेयरमैन और राज्य गौ संवर्धन बोर्ड के सदस्य देव आनंद गौतम ने बताया कि प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों पर किसानों को जैविक खेती के उत्पाद बेहद सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाए जाएंगे. उन्होंने बताया कि जिस प्रकार जम्मू-कश्मीर के बागवान कंपनी के उत्पादों से जैविक सेब का उत्पादन कर रहे हैं, उनका प्रयास रहेगा कि उसी प्रकार हिमाचल के बागवान भी जैविक सेब का उत्पादन करें.

ये भी पढ़ें:- हिमाचल में पैरा चिकित्सा विज्ञान संस्थान खोलने का प्रस्ताव : स्वास्थ्य मंत्री

ये भी देखें:- नौणी और शमरोड़ पंचायत के लोगों ने सीखे आपदा से बचने के गुर
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
-->