Home /News /himachal-pradesh /

himachal kasauli sanawar forest fire echo camp gutted in fire loss of rs one crore nodvm

Forest Fire: कसौली के जंगल में लगी आग से राख हुआ सनावर इको कैंप, एक करोड़ का नुकसान


कसौली में धर्मपुर-गढ़खल रोड़ पर स्थित इको कैंप सनावर साथ लगते जंगल में लगी भीषण आग की चपेट में आने से राख हो गया.

कसौली में धर्मपुर-गढ़खल रोड़ पर स्थित इको कैंप सनावर साथ लगते जंगल में लगी भीषण आग की चपेट में आने से राख हो गया.

Forest Fire: कसौली और सनावर के जंगल में लगी भीषण आग की चपेट में आने से कसौली में धर्मपुर-गढ़खल रोड़ पर स्थित इको कैंप भी जलकर खाक हो गया. हवा की वजह से आग इतनी तेजी से फैली की कैंप में बने अलग-अलग कैंप और कॉटेज मिनटों में ही स्वाहा हो गया. कैंप कर्मियों को आग पर काबू पाने का भी मौका नहीं मिला. कैंप के मालिक व गुल्हाड़ी पंचायत के उप प्रधान दिनेश गोवर्धन व विशाल वर्मा ने बताया कि जंगल में इतनी भयानक आग लगी कि इसकी चपेट में पूरा इको कैंप आ गया. आग से वहां लगे सभी कैंप व कॉटेज, रिसेप्शन व स्टोर समेत अन्य सभी सामान राख के ढेर में तब्दील हो गए.

अधिक पढ़ें ...

सोलन. हिमाचल के सोलन जिले के कसौली और सनावर के जंगलों में लगी आग भयानक रूप धारण कर चुकी है. इस आग से अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है. जंगल में लगी भीषण आग की चपेट में आने से कसौली में धर्मपुर-गढ़खल रोड पर स्थित इको कैंप भी जलकर खाक हो गया. हवा की वजह से आग इतनी तेजी से फैली की कैंप में बने अलग-अलग कैंप और कॉटेज मिनटों में ही स्वाहा हो गया. कैंप कर्मियों को आग पर काबू पाने का भी मौका नहीं मिला.

कैंप के मालिक व गुल्हाड़ी पंचायत के उप प्रधान दिनेश गोवर्धन व विशाल वर्मा ने बताया कि जंगल में इतनी भयानक आग लगी कि इसकी चपेट में पूरा इको कैंप आ गया. आग से वहां लगे सभी कैंप व कॉटेज, रिसेप्शन व स्टोर समेत अन्य सभी सामान राख के ढेर में तब्दील हो गए. उन्होंने बताया कि आग से करोड़ों का नुकसान हुआ है.

जंगलों में होने के कारण इनमें आग का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है
कैंप के मालिक ने बताया कि आग से करोड़ो का नुकसान हुआ है. गौरतलब है कि सरकार द्वारा बीते करीब दो वर्षों से सभी इको कैंपों को बंद करवा दिया गया है.  जिसकी वजह से कैंप में कोई भी टूरिस्ट नहीं थे. कैंप के मालिक ने सरकार से गुहार लगाई है कि कैंप में हुए नुकसान की भरपाई के लिए कोई उचित कदम उठाया जाए. साथ ही सरकार से मांग की है कि इको कैंप की कोई ठोस नीति बना इन्हें शुरू किया जाए ताकि अन्य इको कैंप को आने वाले नुकसान से बचाया जा सके. इको कैंप में सभी काॅटेज घास-फूस, लकड़ी व प्लास्टिक के बनें होते हैं. जंगलों में होने के कारण इनमें आग का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है.

 2 कर्मचारी भी पूरी तरह से झुलस गए थे
बता दें कि जंगल में आग इतनी भयंकर लगी है कि उसे बुझाते हुए दमकल विभाग के 2 कर्मचारी भी पूरी तरह से झुलस गए थे. दोनों घायल कर्मचारियों को  पीजीआई रेफर कर दिया गया था. आग को बुझाने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद भी ली जा रही है. आग इतनी प्रचंड है कि उसके मार्ग में आने वाली सभी चीजें राख के ढेर में बदल जा रही है.

Tags: Fire, Forest fire, Himachal news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर