देशभर सहित हिमाचल में बनी दवाओं के सैंपल एक बार फिर से फेल

प्रतीकात्मक तस्वीर
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राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाहा ने कहा कि दवाओं के सैंपल फेल होने में वातावरण का भी असर रहता है और बद्दी में जल्द ही ड्रग टेस्टिग लैब खुल जाएगी.

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बद्दी (सोलन). हिमाचल प्रदेश की दो दवाओं (Medicine) के सैंपल फेल हुए हैं. सीडीएससीओ की ओर से जारी अक्टूबर के ड्रग अलर्ट (Drug Alert) में देशभर में इस माह आठ दवाओं के सैंपल ही फेल हुए हैं. पहले यह आंकड़ा बहुत अधिक होता थाय प्रदेशभर में करीब 750 फार्मा उद्योग (Pharma Industry) स्थापित हैं. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रक संगठन (सीडीएससीओ) की ओर से अक्टूबर में देशभर से 644 दवाओं के सैंपल एकत्र किए थे, जिनमें से 636 दवाएं मानकों पर खरी उतरी हैं.

क्या बोले अधिकारी

सहायक राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि उद्योगों को नोटिस जारी कर दिए हैं. वहीं फेल हुए सैंपल के बैच मार्केट से हटाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाहा ने कहा कि दवाओं के सैंपल फेल होने में वातावरण का भी असर रहता है और बद्दी में जल्द ही ड्रग टेस्टिग लैब खुल जाएगी.



कौन से दवा के सैंपल फेल
इन दवाओं की गुणवत्ता में खोटमैसर्ज थियोन फार्मास्यूटिकल लिमिटेड गांव सैणीमाजरा तहसील नालागढ़ की लाइनजोलिड-300 एमजी का बैच नंबर जीटी-200228 और मैसर्ज स्टैंडॉर्ड लैबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड इंडस्ट्रियल एरिया मैहतपुर जिला ऊना की नूहेंज टेबलेट का बैच नंबर टी0501969 फेल हुआ है. लाइनजोलिड का इस्तेमाल फेफड़ों में होने वाले बैक्टीरियल संक्रमण (निमोनिया) और त्वचा पर होने वाले संक्रमण के उपचार में किया जाता है. वहीं, नूहेंज दवा का प्रयोग गंभीर मासपेशियों की जकड़न में, नेत्र रोग, तंत्रिका की क्षति व अन्य स्थितियों के उपचार के लिए किया जाता है.
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