OMG! बिना चोटिल हुए 10 साल के प्रिंस की टूट जाती हैं हड्डियां, मदद की गुहार

मलकू माजरा निवासी 10 वर्षीय प्रिंस चौधरी पिछले 6 साल से इस दर्द से जूझ रहा है.

प्रिंस के इलाज में सहायता के लिए कोई भी दानी सज्जन अथवा संस्था उसकी मां गीता देवी के हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के बचत खाते 89220108946592 में डाल सकते हैं तथा सहायता के संबंध में उनके मोबाइल नंबर 7876671938 पर संपर्क कर सकते हैं.

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बद्दी. 10 साल के प्रिंस की हड्डियां अपने आप टूट रही हैं. आम तौर पर चोट लगने पर हड्डियां टूटती है, लेकिन प्रिंस के साथ ऐसा नहीं है और उसके शरीर की हड्डियां बिना चोट की ही टूट रही हैं.हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में यह चौंकाने वाला मामला सामने आया है.

जानकारी के अनुसार, विकास खंड नालागढ़ की पंचायत मलपुर के गांव मलकू माजरा निवासी 10 वर्षीय प्रिंस चौधरी पिछले 6 साल से इस दर्द से जूझ रहे हैं. प्रिंस की बिना चोटिल हुए शरीर के अनेक हिस्सों की हड्डियां टूट रही है और उसका निरंतर इलाज चल रहा है. बड़े अस्पतालों में ऑपरेशन भी हुए हैं. प्रिंस की बीमारी के इलाज के लिए उसके माता-पिता को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है तथा वर्तमान में उनका परिवार आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है.

क्या कहती है मां
प्रिंस की मां गीता ने बताया कि बेटा बचपन से ही होनहार तथा पढ़ने में तेज था. लेकिन बीमारी के बारे में पहली बार उस समय पता चला, जब वह 4 साल का था. अचानक प्रिंस की स्कूल में टांग की हड्डी टूट गई. उसी समय से उसकी पढ़ाई भी छूट गई है. गीता ने बताया कि उनका बेटा प्रिंस इस समय न केवल बीमारी की पीड़ा से जूझ रहा है, बल्कि पढ़ाई छूटने की बात को याद करते बेहद परेशान होकर रोने लग पड़ता है. प्रिंस की टांग व बाजू सहित शरीर के किसी भी हिस्से की हड्डी का टूटने का सिलसिला पिछले 6 साल से चल रहा है. क्षेत्र के जाने-माने अस्पतालों के अलावा वर्तमान में पीजीआई चंडीगढ़ में उसका उपचार किया जा रहा है. गीता देवी ने बताया कि इस बीमारी के कारण उनका बेटा चलने फिरने में असमर्थ है. इस वजह से महीने में कई बार उसे किराए की टैक्सी लेकर अस्पतालों में प्लास्टर इत्यादि करवाना पड़ता है तथा इस इलाज से संबंधित प्रक्रिया में हजारों रुपए खर्च हो जाते हैं.

इलाज के लिए बेच डाली जमीन
उन्होंने बताया कि प्रिंस के इलाज पर सालाना लगभग डेढ़ से दो लाख रुपए खर्च हो रहे हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने गहने तथा कुछ जमीन भी बेच डाली है. गीता देवी ने बताया कि उनका परिवार अशिक्षित तथा अत्यंत निर्धन है तथा उन्हें प्रिंस के इलाज के लिए न तो प्रदेश सरकार और न ही प्रशासनिक स्तर पर कोई भी मदद मिली है. गीता देवी ने यह जानकारी दी कि प्रिंस के इलाज में सहायता के लिए एसडीएम नालागढ़ से भी करीब दो महीने पहले गुहार लगाई गई थी, जहां से अभी तक उन्हें कोई सहायता नहीं मिली है. कुछ दिन पहले ही एक बार फिर प्रिंस की टांग की हड्डी टूट गई है और 16 जून को पीजीआई चंडीगढ़ में ऑपरेशन होना है.

दानी सज्जनों से अपील
गीता देवी ने सरकार, प्रशासन के अलावा क्षेत्र की स्वयंसेवी संस्थाओं तथा दानी सज्जनों से गुहार लगाई है कि वे उनकी आर्थिक स्थिति तथा बेटे की दयनीय स्वास्थ्य हालत के दृष्टिगत उसके इलाज के लिए हर संभव सहायता करें. प्रिंस के इलाज में सहायता के लिए कोई भी दानी सज्जन अथवा संस्था उसकी मां गीता देवी के हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के बचत खाते 89220108946592 में डाल सकते हैं तथा सहायता के संबंध में उनके मोबाइल नंबर 7876671938 पर संपर्क कर सकते हैं.

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