ब्लेड कंपनी: नौकरी से निकाले जाने के बाद गेट पर मजदूर कर रहे प्रदर्शन

Jagat Singh Bains | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 19, 2019, 1:18 PM IST
ब्लेड कंपनी: नौकरी से निकाले जाने के बाद गेट पर मजदूर कर रहे प्रदर्शन
औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में हो रहा है मजदूरों का जमकर शोषण

नालागढ़ के मुसेवाल गांव में ब्लेड बनाने वाली कंपनी ने 2 दर्जन से ज्यादा मजदूरों को काम से निकाल दिया. 

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औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ (Industrial Area Nalagarh) में लगातार मजदूरों का शोषण (Exploitation of workers) हो रहा है. ताजा मामला नालागढ़ के मुसेवाल गांव का है जहां पर एक ब्लेड बनाने वाली फैक्ट्री (Blade factory)द्वारा धक्के मारकर दो दर्जन से ज्यादा मजदूरों को कंपनी से बाहर निकालकर कंपनी का गेट बंद कर दिया गया. कंपनी से निकाले जाने के बाद मजदूरों (labourer) में खासा रोष देखा जा रहा है. मजदूरों ने कंपनी के गेट पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए कहा है कि वे बीते 3 साल से कंपनी में काम कर रहे हैं. कंपनी की ओर से जो सुविधाएं उन्हें मिलनी चाहिए थी वे उन्हें नहीं मिल रही हैं. मजदूरों का कहना है कि न तो उनका कोई आई कार्ड (identity card) बनाया गया है और न ही उन्हें कंपनी द्वारा कोई जॉइनिंग लेटर (joining letter) दी गई है. मजदूरों का ये भी आरोप है कि उनका पीएफ (provident fund) भी नहीं काटा जा रहा है.

मजदूरों का कहना है कि न तो उनका कोई आई कार्ड बनाया गया है और न ही उन्हें कंपनी द्वारा कोई जॉइनिंग लेटर दी गई है.


मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना

कंपनी गेट पर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि जब उन्होंने ईएसआई पीएफ (ESI PF)के लिए जन मंच के माध्यम से शिकायत की तो उसकी जांच लेबर इंस्पेक्टर नालागढ़ (Labor inspector)को दी गई. इसकी जांच की तारीख 3 सितंबर रखी गई है. ऐसे में मजदूरों का कहना है कि जब लेबर इंस्पेक्टर 3 सितम्बर को जांच करेंगे तब इससे पहले कंपनी प्रबंधन ने उनके लिए कंपनी का गेट क्यों बंद कर दिया. मजदूर जानना चाहते हैं कि उन्हें नौकरी से क्यों निकाला जा रहा है. मजदूरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक वे गेट पर ही धरने पर बैठे रहेंगे. अगर कंपनी प्रबंधन का रवैया फिर भी नहीं ठीक हुआ तो आने वाले दिनों में वे भूख हड़ताल करने से भी गुरेज नहीं करेंगे.

मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे बीते 3 सालों से कंपनी में काम कर रहे हैं. मजदूरों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा विभाग के साथ भी धोखाधड़ी की गई है. उनका कहना है कि कंपनी द्वारा कपड़ा उद्योग लगाने के लिए अनुमति ली गई, लेकिन कंपनी में काम ब्लेड बनाने का किया जा रहा है. उन्होंने एक शिकायत उद्योग विभाग को भी की है. शिकायत में लिखा गया है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा धोखाधड़ी करके कपड़ा बनाने की बजाय फैक्ट्री में ब्लेड बनाने का काम किया जा रहा है. कंपनी द्वारा सरकार व प्रशासन की आंखों में धूल झोंकी जा रही है.

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First published: August 19, 2019, 1:14 PM IST
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