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हिमाचल: 13 साल से मेरी बहन का मानसिक-शारीरिक शोषण हो रहा था, वह आत्महत्या नहीं कर सकती, उसकी हत्या हुई 

हिमाचल: 13 साल से मेरी बहन का मानसिक-शारीरिक शोषण हो रहा था, वह आत्महत्या नहीं कर सकती, उसकी हत्या हुई 

आरोप है कि वर्ष 2008 में वंदना की शादी के बाद ही इसके पति व ससुरालियों ने इसे प्रताडि़त करना शुरू कर दिया था.

आरोप है कि वर्ष 2008 में वंदना की शादी के बाद ही इसके पति व ससुरालियों ने इसे प्रताडि़त करना शुरू कर दिया था.

Nalagarh Vandna Death Case: 14 नवंबर को ससुराल पक्ष ने उसकी गुमशुदा होने की जानकारी दी. हमारे बार-बार बोलने के बाद ही वंदना के पति ने नालागढ़ गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई, लेकिन उसकी तलाश करने में कोई सहयोग नहीं दिया. करीब एक सप्ताह बाद वंदना का शव नहर से मिला है.

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नालागढ़ (सोलन). हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले (Solan) में नालागढ़ की 38 साल की महिला वंदना का शव पंजाब की पटियाला नहर में मिलने के बाद बुधवार को ऊना से आए मृतिका के परिवार पक्ष ने ससुरालियों पर गंभीर आरोप जड़े. मृतक वंदना के भाई वरूण केडिया और नेहा केडिया ने कहा कि समाज में नाक बचाने की हमारी सोच ने हमसें वंदना को छीन लिया. वरूण ने बताया कि वर्ष 2008 में वंदना की शादी के बाद ही इसके पति व ससुरालियों ने इसे प्रताडि़त करना शुरू कर दिया था.

वंदना के दो बच्चे और उसकी दैनिक जरूरतों को माता-पिता पिछले कई सालों से पूरा कर रहे थे. दोनों बच्चों की डिलीवरी से लेकर उसकी चिकित्सा जरूरतों का निर्वहन परिवार कर रह था.

परिजनों का आरोप है कि वंदना के ससुराल वाले उसे बार-बार बच्चों को लेकर नालागढ़ से चले जाने को कहते थे और बेटे की दूसरी शादी करने की बात करते थे. 14 नवंबर को ससुराल पक्ष ने उसकी गुमशुदा होने की जानकारी दी. हमारे बार-बार बोलने के बाद ही वंदना के पति ने नालागढ़ गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई, लेकिन उसकी तलाश करने में कोई सहयोग नहीं दिया. वरूण ने बताया कि बच्चों से उन्हें पता चला कि पिछली रात वंदना के पति ने उससे मारपीट भी की थी. वंदना की तलाश में माता पिता व उसने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन ससुराल पक्ष ने कोई सहयोग तक नहीं किया.

नहर से मिला था वंदना का शव

पटियाला नहर में वंदना का शव मिलने के बाद पति और ससुरालियों ने उसकी शिनाख्त तक नहीं की. यह लोग बार बार बोलते रहे यह वंदना का शव नहीं है. उसके हाथ में डाले कड़े और अन्य सामान को ससुराल पक्ष ने पहचानने से इंकार कर दिया. वरूण ने कहा कि उन्हें कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और नालागढ़ पुलिस इस मामले में पूरी ईमानदारी से जांच कर रही है, लेकिन आज उनका नालागढ़ आने का मकसद सिर्फ इतना था कि लोगों को इस परिवार की असलियत पता चल सके. उसकी गुमशुदगी के बाद भी ससुराल वाले कहते रहे कि उसे डेंगू हुआ है और वह अपने भाई के पास है.

रोते हुए बोला भाई

वरूण ने रूंधे स्वर में कहा कि अगर वह लोग शुरूआत में ही प्रताडऩा को लेकर समाज का डर छोडक़र पुलिस व कानून का सहारा लेते तो आज यह दिन न देखना पड़ता. उन्होंने समाज से भी अपील की है कि वह ऐसे मामलों में लोकलाज को किनारे करके प्रताडऩा का विरोध करें. इस दौरान वरूण के साथ प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की सचिव मिनाषी राणा, नप ऊना की अध्यक्ष पुष्पा चौधरी, पार्षद उर्मिला खैधरी, इंदू, चरणदास, खामोश जैतक, महिला मोर्चा ऊना की अध्यक्ष रितू अगौत्रा, सचिव सीमा दत्ता, रविंद्र, आरती शर्मा, तबसुम बेगम, पारिवारिक सदस्य राम पाल घड़ा, पुनीत शर्मा, अरूण ठाकुर, राहुल पुरी, गुलशन सिंह, प्रोमिला वर्मा, शुभम सैणी, निशा देवी आरडी वर्मा समेत नालागढ़ के प्रवुद्ध लोग उपस्थित रहे.

Tags: Himachal pradesh, Shimla police, Solan, Suicide

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