सोलन में एक और 3 मंजिला भवन गिरने की कगार पर, खाली करवाया

हिमाचल के सोलन जिले के कुमारहट्टी-नाहन मार्ग पर रविवार को एक बहुमंजिला इमारत ढह गई थी. हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं, 28 लोगों को रेस्क्यू किया गया.

Kirti Kaushal | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 18, 2019, 12:11 PM IST
सोलन में एक और 3 मंजिला भवन गिरने की कगार पर, खाली करवाया
सोलन में एक और मकान गिरने की कगार पर है.
Kirti Kaushal | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 18, 2019, 12:11 PM IST
हिमाचल के सोलन में चार मंजिला भवन के धराशायी होने के बाद भी खतरा टला नहीं है. यहां सोलन में लगातार हो रही बारिश और जिला प्रशासन की अनदेखी से लोगों को मुश्किलें बढती जा रही है. अब कुमारहट्टी हादसे के बाद अब सोलन के हाउसिंग बोर्ड में तीन मंजिला भवन गिरने की कगार पर है. भवन के नीचे का ढंगा खिसक चुका है.

आसपास के मकानों को खतरा
अगर लगातार बारिश होती है तो भवन के गिरने की पूरी-पूरी सम्भावनाएं हैं. भवन की नीवं हिल चुकी है और भवन के ऊपर मोबाइल टावर भी स्थापित है, जिसकी वजह से भवन पर भार और भी ज्यादा हो गया है. अगर यह भवन गिरता है तो आसपास के भवनों को भी नुक्सान पहुंचा सकता है. इसके चलते तहसीलदार सोलन के आदेश पर भवनों को खाली करवा दिया है और भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया है.

कई बार नपा को बताया: लोग

स्थानीय लोगों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि वह कई बार नगर परिषद को इस ढंगे के बारे में शिकायत कर चुके हैं. पहले यह थोड़ा गिरा था, लेकिन अब यह पूरा गिर चुका है, जिसकी वजह से इस भवन को तो खतरा है. साथ लगते भवन भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि वह कई बार शिकायत कर चुके हैं कि भवन नियमों को ताक पर रख कर बनाया गया है और इस पर टावर भी खड़ा कर दिया है.

भवन असुरक्षित घोषित: तहसीलदार
तहसीलदार हरबंस नेगी ने कहा कि भवन को असुरक्षित घोषित कर उसे खाली करने के आदेश दे दिए गए है, ताकि किसी भी तरह से जानी नुक्सान न हो. उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है, जिसको लेकर वह सजग हैं.
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रविवार को हुआ था बड़ा हादसा
हिमाचल के सोलन जिले के कुमारहट्टी-नाहन मार्ग पर रविवार को एक बहुमंजिला इमारत ढह गई थी. हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं, 28 लोगों को रेस्क्यू किया गया. मृतकों में 13 फौजी जवान, जबकि एक महिला शामिल थी. हादसे के दौरान इस चार मंजिला ढाबे के अंदर कुल 42 लोग थे. इनमें 30 सेना के जवान और 12 सिविलियन थे. सेना के 30 जवानों में से जहां 13 की मौत हो गई, वहीं रेस्क्यू किए गए 12 आम नागरिकों में से एक महिला को जान से हाथ धोना पड़ा.

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First published: July 18, 2019, 11:48 AM IST
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