दशकों से एक अदद पुल का इंतजार कर रहे बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ के लोग

Jagat Singh Bains
Updated: August 13, 2017, 10:01 PM IST
दशकों से एक अदद पुल का इंतजार कर रहे बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ के लोग
बद्दी के कुछ गांवों को जोड़ने वाली यही एक सड़क है.
Jagat Singh Bains
Updated: August 13, 2017, 10:01 PM IST
बेशक देश को आजाद हुए 70 वर्ष से ज्यादा का समय हो चुका है लेकिन हिमाचल प्रदेश के सबसे बडे औद्योगिक क्षेत्र बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ के लोग आज भी मूलभुत सुविधाओं से वंचित हैं. क्षेत्र के दर्जनों गांव के हजारों लोग आज भी अपने घरों को जाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं.

इस बीच कई सरकारें आईं और गईं लेकिन नालागढ़ की पल्ली खड्ड पर आज तक पुल नहीं लग पाया है. लोगों के लिए पुल व सड़क से जुड़ना आज भी सपना बना हुआ है. प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एक वर्ष पहले पुल का नींव पत्थर तो रख दिया था लेकिन पुल का निर्माण कार्य उसके एक वर्ष बाद भी शुरू नहीं हुआ है, जिसको लेकर स्थानीय लोगों में खासा रोष देखा जा रहा है.

हालांकि बीबीएन से करोडों रुपये प्रदेश सरकार के खाते में जमा होतें है लेकिन प्रदेश सरकार का रवैया क्षेत्र के विकास को लेकर उदासीन ही रहा है.

नालागढ़ के चंगरक्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों के लिए बरसात के तीन माह किसी काले पानी से कम नहीं होते हैं. पल्ली खड्ड पर पुल न होने की वजह से यह पूरा क्षेत्र बरसात के दिनों में देश दुनिया से पूरी तरह से टूट जाता है.

चंगर क्षेत्र के नवांनगर, गुरदासपुर, करोडा, ऊपरली, पल्ली, डेरा, चनोवरी, सील्लू, टिब्बी, कहली, टोबा, मजैत, वैद दा जोड, तरली, वेहड, तमदोह, डरोली, शडोली, परूड, तमदोह, गरलोह, कोठी, डडकोट और मीतियां गांव की आबादी तकरीबन 10000 है.

मुख्य मार्ग से इनके गांव तक की दूरी लगभग 15 किमी. की है. इन गांवों को जोड़ने वाली सड़क की हालत खस्ता है ही, रास्ते में पड़ने वाली एक पल्ली खड्ड पर पुल लगना लोगों के लिए सपना ही बना हुआ है.
First published: August 13, 2017
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