नालागढ़: 70 साल पुराना रास्ता बंद, ग्रामीणों ने प्रधान पर लगाए धक्केशाही के आरोप

नालागढ़ में रास्ता बंद.
नालागढ़ में रास्ता बंद.

पंचायत के प्रधान विमल से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि वह किसी डेथ केस में बाहर गए हैं और आने के बाद ही अपना दिया बयान दे पाएंगे.

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नालागढ़ (सोलन). एक तरफ जहां सरकार घर-घर तक रास्ता बनाने के लिए तमाम योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर नालागढ़ (Nalagarh) में एक ग्राम पंचायत प्रधान द्वारा आधा दर्जन से ज्यादा घरों का रास्ता बंद करने का मामला सामने आया है. सोलन (Solan) जिले का यह मामला है. नालागढ़ की भोगपुर पंचायत ने ग्रामीणों ने पंचायत प्रधान (Pradhan) पर पुरानी रंजिश के चलते 70 साल पुराना रास्ता बंद करने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों के सामने एक ग्राउंड (Ground) है, जिसमें 3 बीघा कुछ बिस्वा जमीन है, जोकि ग्राम पंचायत, स्वास्थ्य केंद्र व बच्चों के खेलने के लिए मैदान की जगह है.

दिवार बनाने की आड़ में किया बंद
यहां पर पंचायत की ओर से बाउंड्री वाल का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है और बाउंड्री वाल की आड़ में पंचायत प्रधान ने घरों को आ रहा रास्ता भी बंद कर दिया. ग्रामीणों ने पंचायत प्रधान पर धक्के छाही से रास्ता बंद करने के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बीते 3 दिनों से वह अपने घरों में फंसे हुए हैं उनकी गाड़ियां घरों में ही फंसी हुई है और वह रास्ता बंद होने के चलते काम पर नहीं जा पा रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि उनके घर में एक महिला मरीज भी है, जिसे इलाज के लिए ले जाने के लिए भी उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

पुरानी रंजिश के चलते 70 साल पुराना रास्ता बंद करने का आरोप लगाया है.

क्या आरोप लगाए


ग्रामीणों ने पंचायत प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पहले निजी स्कूलों की बसें ग्राउंड में आकर रुकती थी और वहीं से बच्चों को बसों में बिठाया जाता था, लेकिन अब ग्राउंड की बाउंड्री वाल होने के कारण बसें रोड पर खड़ी होंगी और रोड पर सड़क दुर्घटनाएं होने का भी खतरा बना हुआ है. ग्रामीणों ने इस बारे में सीएम हेल्पलाइन और एसडीएम नालागढ़ को एक शिकायत दी है.

जांच के आदेश
नालागढ़ एसडीएम ने बीडीओ नालागढ़ को जांच के निर्देश दे दिए हैं और जो भी मामले में दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ग्रामीणों का कहना है कि भोगपुर पंचायत अब दो हिस्सों में बंट चुकी है जिसमें एक भोगपुर पंचायत और दूसरी रेडू पंचायत है. ग्रामीणों का कहना है कि भोगपुर पंचायत में इस बार प्रधान रेडू गांव से था, लेकिन अब रेडू पंचायत अलग हो चुकी है, जिसके चलते पंचायत प्रधान अपनी धक्के शाही करके गांव में गलत काम कर रहा है. इस बारे में जब हमने पंचायत के प्रधान विमल से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि वह किसी डेथ केस में बाहर गए हैं और आने के बाद ही अपना दिया बयान दे पाएंगे.
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