सोलन बिल्डिंग हादसा: खत्म हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, 13 जवानों समेत 14 की मौत

सेना के कुछ अधिकारियों का प्रमोशन हुआ था. रविवार को छुट्टी थी. ऐसे में 30 जवान ढाबे पर खाना खाने आए थे. लेकिन उसी दौरान यह हादसा हो गया. इनमें हरियाणा, हिमाचल और अन्य राज्यों के जवान शामिल थे.


Updated: July 15, 2019, 3:57 PM IST
सोलन बिल्डिंग हादसा: खत्म हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, 13 जवानों समेत 14 की मौत
सोलन में रविवार को एक चार मंजिला इमारत धराशाई हो गई थी.

Updated: July 15, 2019, 3:57 PM IST
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के कुम्हारहट्टी-नाहन मार्ग पर रविवार को एक  बहुमंजिला इमारत ढहने से हुए हादसे का 30 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार दोपहर ढाई बजे के करीब खत्म हो गया. हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, वहीं, 28 लोगों को रेस्क्यू किया गया. मृतकों में 13 फौजी जवान हैं, जबकि एक महिला शामिल है. जानकारी के अनुसार, हादसे के दौरान इस चार मंजिला ढाबे के अंदर कुल 42 लोग थे. इनमें 30 सेना के जवान और 12 सिविलियन थे. सेना के 30 जवानों में से जहां 13 की मौत हो गई, वहीं रेस्क्यू किए गए 12 आम नागरिकों में से एक महिला को जान से हाथ धोना पड़ा.

सीएम भी पहुंचे मौके पर
हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया और  घटना की जांच के आदेश दिए. इसके अलावा, सीएम ने अस्पताल में घायलों से भी मुलाकात की. सीएम जयराम ठाकुर ने साथ ही ढाबा मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने घटना स्थल दौरा करने के बाद कहा कि घटना के कारणों की जांच होगी. सीएम ने कहा कि जांच में कमियां रही हैं. कहीं ना कहीं बिल्डिंग का स्ट्रक्चर नियमों के अनुसार नहीं था और जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी.

ढाबे में खाना खाने रुके थे जवान

दरअसल, सेना के कुछ अधिकारियों का प्रमोशन हुआ था. रविवार को छुट्टी थी. ऐसे में सभी 30 जवान ढाबे पर खाना खाने आए थे. लेकिन इस दौरान यह हादसा हो गया. इनमें हरियाणा, हिमाचल और अन्य राज्य के जवान शामिल थे. घायलों का सोलन के धर्मपुर अस्पताल और निजी अस्पताल में भी इलाज चल रहा है. घायल जवान सुरजीत ने बताया कि वह ढाबा में खाना खा रहे थे. तभी अचानक धरती हिलने लगी और फिर देखते ही देखते पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई. सुरजीत ने बताया कि सभी जवान डगशाई बटालियन के जवान हैं.

बिल्डिंग के मालिक का परिवार भी यहीं रहता था
बिल्डिंग के मालिक साहिल कुमार का परिवार भी यहीं रहता था. गनीमत रही कि हादसे के वक्त बच्चे बाहर खेल रहे थे, लेकिन साहिल की पत्नी मलबे में दब गई थी जिसे गंभीर हालत में बाहर निकाला गया. रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पंचकूला से एनडीआरफ की टीम आई थी. इसके अलावा, शिमला के से सुन्नी भी कुछ जवान भेजे गए थे.
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जताई गई थी लैंडस्लाइड की आंशका
मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. जो बिल्डिंग धराशाई हुई है. उसके निर्माण को लेकर पड़ोसी होटल मालिक ने प्रशासन को शिकायत दी थी. इस पर टाउन और कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) विभाग ने मौके का मुआयना भी किया था. साथ ही होटल की मालकिन अरुणा जसवाल ने जून 2018 में टीसीपी को लिखा था कि कमारहट्टी से नाहन की ओर जाने वाले हाईवे पर एक किमी के दायरे में 35 फ्लैट बनाए गए हैं. इसमें निर्माण नियमों का पालन नहीं किया गया है. क्योंकि यहां पानी की कमी है, इसलिए यहां ट्यूबवैल के लिए अवैध तौर पर ड्रिलिंग की गई है. इसमें यह भी आंशका जतायी गई थी कि पेड़ भी काटे गए हैं. सड़क के साथ जमीन के लिए सपोर्ट नहीं है और ऐसे में मानसून सीजन में यहां लैंड स्लाइडिंग हो सकती है.

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First published: July 15, 2019, 3:12 PM IST
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