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मॉनसून और ठंड के मौसम में कई गुना बढ़ जाएगा कोरोना संक्रमण का खतरा, रहें सावधान

आईजीएमसी अस्पताल का फाइल फोटो.

आईजीएमसी अस्पताल का फाइल फोटो.

कोरोना वायरस (Corona virus) का कहर मानसून (Monsoon) और ठंड के सीजन में और भी तेज हो जाएगा. विशेषज्ञ बताते हैं कि नमी में यह वायरस(virus) ज्यादा समय तक जीवित रह सकता है. इससे बचने के लिए सरकार के दिशा-निर्देशों (Guidelines) का पालन करना जरूरी है.

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शिमला. कोरोना संक्रमण (Corona infection) के मामले देश के साथ ही प्रदेश में भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर लोगों में कोरोना का डर खत्म हो रहा है. वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में कोरोना (Corona) का खतरा और भी बढ़ सकता है.

मॉनसून (Monsoon) और ठंडी (Winter) में इस वायरस के फैलने का खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि मॉनसून के समय मे वातावरण नमी होती है. नमी वाले वातावरण में वायरस के जीवित रहने की संभावना और बढ़ जाती है. ऐसे में कोरोना वायरस के फैलने का खतरा और बढ़ जाता है. लोगों को अब कोरोना से निपटने के लिए और सावधानी बरतने की जरूरत है. यह जानकारी आईजीएमसी अस्पताल के एमएस डॉ. जनक ने प्रेस वार्ता के दौरान दी.

डॉ. जनक ने कहा कि जैसे-जैसे कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं वैसे-वैसे लोगों में भी इसके प्रति डर खत्म होता जा है. ऐसे में जरूरी है कि लोग सरकार के निर्देशों का पालन करें. उन्होंने कहा कि मॉनसून में पीलिया, टाइफाइड और स्क्रब टायफस के फैलने का खतरा भी रहता है. अभी तक अस्पताल में 12 स्क्रब टायफस के मामले सामने आ चुके हैं. स्क्रब टायफस ऐसे क्षेत्रों के लोगों को होता है जहां पर लंबी घास होती है. इस लंबी घास में पाए जाने वाले पिस्सू के काटने से ही स्क्रब टायफस होता है.

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डॉ. जनक ने कहा कि सरकार की ओर से प्रावधान किया गया है कि अगर घर पर ही व्यवस्था है तो कोविड पेशेंट को घर पर ही आइसोलेट किया जा सकता है. मरीज की स्थिति गंभीर होने के चलते ही उसे अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है. इन दिनों आईजीएमसी अस्पताल में अभी 18 कोविड मरीजों का इलाज चल रहा है. राज्य के जल मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर का इलाज भी इसी अस्पताल में चल रहा है. उन्हें बुखार और हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत है.

आईजीएमसी अस्पताल के एमएस डॉ जनक ने बताया कि कोविड को लेकर अस्पताल में काफी पहले से तैयारियां कर ली गई थीं. अस्पताल के ई-ब्लॉक को कोविड मरीजों को समर्पित किया गया है. इसके अलावा यहां 82 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है. जिनमें से 72 बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है. वहीं अस्पताल में इससे पहले 30 वेंटीलेटर्स की व्यवस्था थी. पीएम केयर योजना के बाद 50 और वेंटिलेटर अस्पताल को मिले हैं. सभी वेंटीलेटर्स अच्छे तरीके से काम कर रहे हैं. इसके अलावा अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, उसको लेकर अस्पताल के नए भवन का जल्द ही मुख्यमंत्री लोकार्पण करेंगे.

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